MP हनीट्रैप कांड: श्वेता जैन फिर गिरफ्तार, करोड़ों की वसूली का आरोप

Shweta Jain being detained by Indore Crime Branch in a new honeytrap case.

मध्यप्रदेश के बहुचर्चित एमपी हनीट्रैप मामला की मुख्य आरोपी श्वेता जैन को इंदौर क्राइम ब्रांच ने भोपाल से फिर हिरासत में लिया है। इस बार उन पर एक शराब कारोबारी से एक करोड़ रुपये की अवैध वसूली करने का गंभीर आरोप लगा है, जिससे राज्य के सियासी गलियारों में एक बार फिर हड़कंप मच गया है।

क करोड़ की वसूली और ब्लैकमेलिंग का खेल

इंदौर क्राइम ब्रांच के मुताबिक, बाणगंगा क्षेत्र के एक शराब और प्रॉपर्टी कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उससे एक करोड़ रुपये की मांग की जा रही है। आरोपियों ने कारोबारी को उसके निजी पलों के फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी दी थी। इस मामले की जांच में जब कड़ियां जुड़ीं, तो 2019 के हनीट्रैप कांड की मुख्य चेहरा रही श्वेता जैन का नाम फिर से सामने आया।


भोपाल से हुई श्वेता की गिरफ्तारी

क्राइम ब्रांच की टीम ने सोमवार शाम को भोपाल की मीनाल रेसीडेंसी स्थित एक बंगले पर दबिश दी और श्वेता जैन को हिरासत में ले लिया। मंगलवार को उसे इंदौर लाकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इस गिरोह में श्वेता के साथ एक महिला शराब तस्कर अलका दीक्षित, उसका बेटा, एक प्रॉपर्टी कारोबारी लाखन चौधरी और इंटेलिजेंस शाखा में पदस्थ एक हेड कांस्टेबल भी शामिल है। 

पुराने कांड की यादें हुईं ताजा

श्वेता जैन 2019 के उस हनीट्रैप कांड की प्रमुख आरोपी रही है जिसने मध्य प्रदेश की राजनीति को हिलाकर रख दिया था। उस समय कई बड़े राजनेताओं और अफसरों के अश्लील वीडियो सामने आए थे, जिसके बाद श्वेता को जेल भी जाना पड़ा था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद श्वेता के फिर से सक्रिय होने और वसूली के नए मामले में नाम आने से हड़कंप मच गया है।


साजिश का तरीका

पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले कारोबारी से मेल-जोल बढ़ाया। लाखन चौधरी ने खुद को बड़ा निवेशक बताते हुए प्रॉपर्टी बिजनेस में साझेदारी का झांसा दिया। जब कारोबारी ने प्रस्ताव ठुकरा दिया, तो श्वेता जैन और उसके साथियों ने ब्लैकमेलिंग का सहारा लेकर दबाव बनाना शुरू कर दिया। फिलहाल पुलिस इस मामले में और भी बड़े खुलासे होने की उम्मीद जता रही है।

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