मध्य प्रदेश सरकार के ढाई साल पूरे होने के मौके पर मुख्यमंत्री मोहन यादव मंत्रियों के कामकाज की समीक्षा करेंगे। सीएम हाउस में 17 और 18 मई को होने वाली इस महत्वपूर्ण वन-टू-वन बैठक में मंत्रियों के विभागीय परफॉर्मेंस, सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन और संगठन के साथ उनके आपसी तालमेल का गहन मूल्यांकन किया जाएगा।
कामकाज और संगठन समन्वय की होगी बड़ी समीक्षा
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित होने वाली इस दो दिवसीय समीक्षा बैठक को बेहद अहम माना जा रहा है। सरकार और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) संगठन इस कवायद के जरिए जमीन पर सरकारी योजनाओं की वास्तविक स्थिति जानना चाहते हैं। बैठक में न केवल मुख्यमंत्री मौजूद रहेंगे, बल्कि भाजपा के कई राष्ट्रीय और प्रादेशिक स्तर के वरिष्ठ संगठन पदाधिकारी भी शामिल होंगे। इसमें मुख्य रूप से राष्ट्रीय सह-संगठन महामंत्री शिवप्रकाश, क्षेत्रीय संगठन महामंत्री अजय जामवाल, मध्य प्रदेश के प्रदेश प्रभारी डॉ. महेंद्र सिंह और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल हिस्सा लेंगे। यह सभी वरिष्ठ पदाधिकारी समीक्षा प्रक्रिया में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाने के लिए भोपाल पहुंच चुके हैं।
इन प्रमुख बिंदुओं पर तैयार होगी मंत्रियों की रिपोर्ट
इस उच्च स्तरीय बैठक में मंत्रियों से लगभग एक दर्जन से अधिक पूर्व-निर्धारित बिंदुओं पर विस्तृत रिपोर्ट और फीडबैक लिया जाएगा। समीक्षा के मुख्य बिंदु इस प्रकार हैं:
- विभागीय प्रगति: मंत्रियों के विभागों की प्रमुख सरकारी योजनाओं की वर्तमान प्रगति और विकास कार्यों की जमीनी समीक्षा।
- निगरानी प्रणाली: योजनाओं के क्रियान्वयन की ग्राउंड जीरो पर मंत्रियों द्वारा की जा रही मॉनिटरिंग।
- संगठन से तालमेल: गृह जिलों और प्रभार वाले जिलों में स्थानीय संगठन के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ मंत्रियों का समन्वय।
- चुनावी फीडबैक: पिछले चुनावों के दौरान जिन सीटों पर पार्टी का प्रदर्शन कमजोर रहा था, वहां सुधार के लिए मंत्रियों द्वारा किए गए विशेष प्रयासों का आकलन।
कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की सुगबुगाहट तेज
सरकार और संगठन के इस साझा कदम को राज्य में आगामी संभावित मंत्रिमंडल विस्तार और फेरबदल से जोड़कर देखा जा रहा है। मध्य प्रदेश कैबिनेट में वर्तमान समय में चार पद रिक्त चल रहे हैं। राजनैतिक गलियारों में चर्चा तेज है कि इस दो दिवसीय बैठक के दौरान मंत्रियों द्वारा पेश की गई रिपोर्ट और उनके परफॉर्मेंस के आधार पर जल्द ही कैबिनेट में नए चेहरों को शामिल किया जा सकता है, जबकि कमजोर प्रदर्शन करने वाले मंत्रियों की जिम्मेदारी में बदलाव संभव है।
