जम्मू-कश्मीर के ग्रामीण बुनियादी ढांचे, महिला सशक्तिकरण और कृषि-आधारित समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए केंद्र सरकार ने वित्तीय सहायता और नई रणनीतियों की घोषणा की..
मुख्य बिन्दु:- सड़क बुनियादी ढांचा: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के तहत 3566 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति दी गई है। पिछले एक वर्ष में कुल मिलाकर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की सड़कों की मंजूरी दी गई है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
- महिला सशक्तिकरण: DAY-NRLM के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर सहित) के महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये की 'मदर सैंक्शन' जारी की गई है।
- कृषि विकास: जम्मू-कश्मीर के लिए होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम और वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम द्वारा कृषि रोडमैप तैयार करने की घोषणा की गई है।
- इंटीग्रेटेड फार्मिंग: छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को जोड़ने पर जोर दिया गया है।
जनता को लाभ:- बेहतर कनेक्टिविटी: नई सड़कों के निर्माण से स्कूल, अस्पताल और बाजार लोगों के और करीब आएंगे, जिससे दूरदराज के इलाके विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
- आर्थिक मजबूती: महिलाओं को "लखपति दीदी" से आगे बढ़ाकर सशक्त उद्यमी बनाया जाएगा।
- किसानों की आय में वृद्धि: वैज्ञानिक खेती, नई कृषि रणनीति और फसल विविधीकरण से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ेगी।
- रोजगार के अवसर: कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने श्रीनगर में आयोजित एक कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला को विकास परियोजनाओं के स्वीकृति पत्र सौंपे। केंद्र सरकार ने राज्य के ग्रामीण विकास के लिए सड़क निर्माण हेतु भारी निवेश की प्रतिबद्धता जताई है,। इस पहल का उद्देश्य न केवल भौतिक बुनियादी ढांचे का सुधार करना है, बल्कि महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और वैज्ञानिक कृषि के माध्यम से जम्मू-कश्मीर के नागरिकों के जीवन स्तर को ऊपर उठाना है। मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इन परियोजनाओं को राज्य की भौगोलिक चुनौतियों से निपटने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बदलने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम बताया है।
- सड़क बुनियादी ढांचा: प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (PMGSY)-IV के तहत 3566 करोड़ रुपये की सड़कों की स्वीकृति दी गई है। पिछले एक वर्ष में कुल मिलाकर लगभग 8,000 करोड़ रुपये की सड़कों की मंजूरी दी गई है, जो एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।
- महिला सशक्तिकरण: DAY-NRLM के तहत 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (जम्मू-कश्मीर सहित) के महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए 4568.23 करोड़ रुपये की 'मदर सैंक्शन' जारी की गई है।
- कृषि विकास: जम्मू-कश्मीर के लिए होलिस्टिक एग्रीकल्चर डेवलपमेंट प्रोग्राम और वैज्ञानिकों की एक विशेष टीम द्वारा कृषि रोडमैप तैयार करने की घोषणा की गई है।
- इंटीग्रेटेड फार्मिंग: छोटे किसानों की आय बढ़ाने के लिए पशुपालन, मत्स्यपालन और मधुमक्खी पालन जैसी गतिविधियों को जोड़ने पर जोर दिया गया है।
- बेहतर कनेक्टिविटी: नई सड़कों के निर्माण से स्कूल, अस्पताल और बाजार लोगों के और करीब आएंगे, जिससे दूरदराज के इलाके विकास की मुख्यधारा से जुड़ेंगे।
- आर्थिक मजबूती: महिलाओं को "लखपति दीदी" से आगे बढ़ाकर सशक्त उद्यमी बनाया जाएगा।
- किसानों की आय में वृद्धि: वैज्ञानिक खेती, नई कृषि रणनीति और फसल विविधीकरण से किसानों की आमदनी कई गुना बढ़ेगी।
- रोजगार के अवसर: कृषि और बुनियादी ढांचे के विकास से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।