देशभर में चर्चित NEET पेपर लीक मामले में जांच की आंच अब आरोपियों के परिवारों तक पहुंच गई है। सीबीआई की कार्रवाई के बीच गिरफ्तार आरोपी दिनेश और मंगीलाल की पत्नियों ने मीडिया के सवालों पर जमकर हंगामा किया और खुद को इस पूरे मामले से पूरी तरह अनजान बताया।.
मीडिया के सवालों पर तीखी प्रतिक्रिया
जब जांच टीम और मीडिया की टीम आरोपियों के घर पहुंची, तो वहां का माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया। आरोपी दिनेश और मंगीलाल की पत्नियां, जो आपस में बहनें हैं, कैमरा देखते ही चीखने-चिल्लाने लगीं। उन्होंने हाथ जोड़कर मीडिया से दूरी बनाने की अपील की और बार-बार कहा कि उनके परिवार को साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। दिलचस्प बात यह है कि परिवार के कई बच्चों का चयन एमबीबीएस के लिए हुआ है, लेकिन महिलाओं ने दावा किया कि उन्हें यह तक नहीं पता कि उनके बच्चे किस शहर या कॉलेज में पढ़ रहे हैं।
दावों और सबूतों में विरोधाभास
परिवार का दावा है कि उन्होंने बकरी और जमीन बेचकर बच्चों को पढ़ाया है, लेकिन सीबीआई को मिले सबूत कुछ और ही कहानी बयां कर रहे हैं। आरोपी दिनेश बिवाल की एक पुरानी सोशल मीडिया पोस्ट सामने आई है, जिसमें वह परिवार के पांच बच्चों के सरकारी मेडिकल कॉलेज में चयन पर बधाई देता दिख रहा है। जांच में सामने आया है कि दिनेश की बेटी गुंजन बनारस में और विकास सवाई माधोपुर मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे हैं।
बेटे के लिए पेपर खरीदने का आरोप
एजेंसियों के अनुसार, दिनेश बिवाल ने कथित तौर पर अपने नाबालिग बेटे के लिए नीट का पेपर खरीदा था। वह बेटा फिलहाल फरार बताया जा रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि इस नेटवर्क के तार टेलीग्राम ग्रुप्स और व्हाट्सएप चैट से जुड़े थे। राजस्थान एसओजी ने सीबीआई को लगभग 150 संदिग्ध छात्रों की सूची सौंपी है, जिनकी भूमिका की जांच की जा रही है।
जांच का बढ़ता दायरा
सीबीआई अब तक दिनेश, मंगीलाल और एमबीबीएस छात्र विकास बिवाल को गिरफ्तार कर चुकी है। आरोपियों का कहना है कि बड़े लोगों को बचाने के लिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है, और पेपर लीक तो हर साल होता है। फिलहाल, सीबीआई मोबाइल डेटा और पैसों के लेनदेन की कड़ियों को जोड़कर इस पूरे रैकेट के मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।