CBI ने NEET पेपर लीक मामले में पुणे की सीनियर प्रोफ़ेसर मनीषा मांढरे को गिरफ्तार किया है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की एक्सपर्ट रहीं मांढरे पर प्रश्नपत्रों की जानकारी साझा करने का गंभीर आरोप है। इस बड़ी कार्रवाई के साथ ही इस हाई-प्रोफाइल घोटाले में अब तक नौ गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
NTA की एक्सपर्ट ही निकलीं आरोपी
सीबीआई की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि मनीषा मांढरे, जो पुणे के एक प्रतिष्ठित कॉलेज में बॉटनी की प्रोफेसर हैं, नीट यूजी-2026 की परीक्षा प्रक्रिया में सीधे तौर पर शामिल थीं। एनटीए ने उन्हें एक्सपर्ट के रूप में नियुक्त किया था, जिसके कारण उनकी पहुंच बॉटनी और ज़ूलॉजी के गोपनीय प्रश्नपत्रों तक थी। कॉलेज की प्रिंसिपल के अनुसार, मांढरे पिछले 24 वर्षों से वहां कार्यरत थीं और सात महीने बाद रिटायर होने वाली थीं।
घर पर चलाई थी 'स्पेशल क्लास'
जांच में पाया गया कि अप्रैल 2026 के दौरान मनीषा मांढरे ने पुणे में अपने घर पर विशेष कोचिंग क्लास आयोजित की थी। उन्होंने मनीषा वाघमारे नामक सहयोगी के जरिए नीट उम्मीदवारों को इकट्ठा किया था। इन कक्षाओं में मांढरे ने छात्रों को वे सवाल समझाए और नोटबुक में मार्क करवाए, जो बाद में 3 मई 2026 को हुई नीट परीक्षा के प्रश्नपत्र से हूबहू मिल रहे थे।
नेटवर्क और मास्टरमाइंड का खुलासा
सीबीआई ने पीवी कुलकर्णी को इस पूरे पेपर लीक का 'मास्टरमाइंड' बताया है, जिन्हें पुणे से गिरफ्तार किया गया था। कुलकर्णी लातूर के एक सेवानिवृत्त शिक्षक हैं और उनका संबंध पुणे के उन संस्थानों से था जो प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए गाइडेंस मुहैया कराते हैं। इसके अलावा, नासिक के शुभम खैरनार ने टेलीग्राम ग्रुप के जरिए लीक प्रश्नपत्र को बांटने में अहम भूमिका निभाई थी।
अब तक की कार्रवाई और प्रभाव
नीट पेपर लीक मामले में अब तक दिल्ली, जयपुर, गुरुग्राम, नासिक और पुणे समेत कई शहरों से कुल नौ अभियुक्तों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीबीआई ने छापेमारी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, लैपटॉप और मोबाइल फोन जब्त किए हैं। गड़बड़ी के चलते एनटीए ने नीट 2026 की परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसे अब दोबारा 21 जून को आयोजित करने का फैसला लिया गया है। फिलहाल, मनीषा मांढरे सहित पांच आरोपियों को सात दिन की सीबीआई हिरासत में भेज दिया गया है।