मध्य प्रदेश में समय सीमा से पहले खत्म हुआ नक्सलवाद

MP CM Dr. Mohan Yadav participating in the Central Zonal Council meeting in Bastar.

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घोषणा की है कि मध्य प्रदेश में नक्सलवाद का अंत केंद्र सरकार द्वारा निर्धारित समय सीमा से पहले ही कर दिया गया है। बस्तर में आयोजित मध्य क्षेत्रीय परिषद की बैठक में उन्होंने राज्य की सुरक्षा और सुशासन के क्षेत्र में मिली इस ऐतिहासिक सफलता की जानकारी साझा की।

बस्तर में हुई उच्च स्तरीय बैठक

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ के बस्तर में 'मध्य क्षेत्रीय परिषद की 26वीं बैठक' आयोजित की गई। इस बैठक में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हिस्सा लिया। बैठक में सुरक्षा, सुशासन और क्षेत्रीय विकास जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई।

नक्सल उन्मूलन में मिली बड़ी सफलता

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि मध्य प्रदेश के नक्सल प्रभावित जिलों में विशेष अभियान चलाकर सफलता प्राप्त की गई है। इस दौरान न केवल अनेक इनामी नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया, बल्कि कई नक्सल तत्वों का सफाया भी किया गया। उन्होंने कहा कि सुरक्षा बलों के प्रोत्साहन और बेहतर रणनीति के कारण नागरिकों के मन में सरकार के प्रति विश्वास बढ़ा है। इस उपलब्धि के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के 'नक्सल मुक्त भारत' के संकल्प का आभार व्यक्त किया।

330 करोड़ की माइक्रो डेवलपमेंट योजना

नक्सलवाद से मुक्त हुए क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास के लिए राज्य सरकार ने 330 करोड़ रुपये की 'माइक्रो डेवलपमेंट योजना' लागू की है। इस योजना का उद्देश्य उन क्षेत्रों में विकास की गति को तेज करना है जो लंबे समय से अशांत रहे थे। सरकार अब इन गांवों में सड़क, पुल, मोबाइल टावर और नई सुरक्षा व्यवस्थाएं स्थापित कर रही है।

सुशासन और डिजिटल विकास पर जोर

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने साइबर सुरक्षा, शिक्षा, स्वास्थ्य, और महिला एवं बाल कल्याण के क्षेत्र में मध्य प्रदेश की प्रगति की जानकारी भी साझा की। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार दूध उत्पादन और डिजिटल बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान दे रही है। सुशासन की दिशा में उठाए गए इन कदमों का उद्देश्य अंतिम पंक्ति के व्यक्ति तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना है।
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