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| UAE के न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुआ ड्रोने अटैक |
मिडिल-ईस्ट में जारी संघर्ष के बीच UAE न्यूक्लियर प्लांट हमला होने से वैश्विक तनाव चरम पर पहुंच गया है। यूएई के बराका परमाणु ऊर्जा संयंत्र के पास हुए इस ड्रोन हमले ने खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संबंधी गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में भी उछाल आया है
खाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा संकट
यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, बराका न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए ड्रोन हमले में हवाई सुरक्षा प्रणालियों ने दो ड्रोनों को मार गिराया, जबकि तीसरे ड्रोन ने प्लांट के सुरक्षित आंतरिक क्षेत्र के बाहर स्थित एक बिजली जनरेटर को निशाना बनाया। अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने जानकारी दी कि इस हमले के कारण प्लांट के पास आग लग गई थी, जिससे एक रिएक्टर को अस्थायी तौर पर आपातकालीन डीजल जनरेटर पर चलाना पड़ा। हालांकि, यूएई ने अभी तक इस हमले के लिए किसी देश या समूह को सीधे तौर पर दोषी नहीं ठहराया है।
ट्रंप की ईरान को सीधी चेतावनी
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस घटना के बाद ईरान को कड़ी चेतावनी जारी की है। ट्रंप ने सोशल मीडिया और सुरक्षा बैठकों के माध्यम से कहा कि तेहरान के पास वॉशिंगटन के साथ शांति समझौता करने के लिए समय तेजी से निकलता जा रहा है। चीन की यात्रा से लौटने के तुरंत बाद ट्रंप ने शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों के साथ बैठक की, जिसे 'महाजंग-2' की तैयारी के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
क्षेत्रीय अस्थिरता और अन्य मोर्चे
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध जैसे हालात बने हुए हैं। सऊदी अरब ने भी जानकारी दी है कि उसने अपनी सीमा में आ रहे तीन ड्रोनों को बीच में ही रोक दिया है। वहीं, इजरायली सेना द्वारा लेबनान और गाजा में बमबारी जारी है, जिसमें एक फिलिस्तीनी कमांडर और राहतकर्मियों सहित कई लोगों की जान गई है।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर प्रभाव
परमाणु संयंत्र पर हमले की खबर के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल के दाम 111 डॉलर के पार पहुंच गए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह तनाव कम नहीं हुआ, तो वैश्विक शेयर बाजारों और ईंधन की कीमतों पर इसका व्यापक नकारात्मक असर पड़ेगा।