अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ऐलान के कुछ ही घंटों बाद अमेरिकी सेना ने ईरान पर दोबारा हवाई हमले शुरू कर दिए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई होर्मुज़ स्ट्रेट में कमर्शियल जहाजों पर हुए ईरानी हमलों के जवाब में की गई है। इन हमलों में ईरान के बंदर अब्बास, सीरिक, चाबहार और कोनारक जैसे तटीय इलाकों को निशाना बनाया गया है। इसके कारण चाबहार में बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, बुशेहर में सैन्य बैरक में आग लग गई और अक्काला में एक रेलवे ब्रिज को उड़ा दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इन हमलों में दो मछुआरों की मौत भी हुई है।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- डोनाल्ड ट्रंप: उन्होंने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि सीज़फायर अब ख़त्म हो चुका है और यदि दोबारा ऐसा हुआ तो इससे भी कहीं अधिक कठोर जवाबी कार्रवाई होगी। उन्होंने ईरान के नेताओं को मानसिक रूप से बीमार बताया और कहा कि उनसे बात करना समय की बर्बादी है।
- ईरानी संसद के स्पीकर (मोहम्मद बग़र ग़ालिबाफ़): उन्होंने कहा कि अमेरिका को इन हमलों की भारी क़ीमत चुकानी पड़ेगी और यदि हमला होगा तो जवाबी हमला भी झेलना होगा। उन्होंने साफ़ किया कि होर्मुज़ स्ट्रेट केवल ईरानी व्यवस्था के तहत खुलेगा।
- ईरान के विदेश मंत्री (अब्बास अराग़ची): उन्होंने ट्रंप पर पलटवार करते हुए कहा कि ईरान अभद्रता का जवाब अभद्रता से नहीं बल्कि निडर होकर कार्रवाई से देता है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई के रूप में बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए हैं।
- अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया: नाटो (NATO) ने अमेरिका के इस सैन्य एक्शन का पूरी तरह समर्थन किया है।
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