मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को मोहन यादव सरकार ने सदन में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) विधेयक-2026 पेश किया। विधेयक पेश होते ही विपक्ष (कांग्रेस) ने सदन में जोरदार हंगामा शुरू कर दिया। कांग्रेस विधायकों का आरोप है कि सरकार ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को अनुपूरक कार्यसूची (Supplementary Agenda) में शामिल कर 'चोरी-छिपे' सदन के सामने रखा है।
इसके अतिरिक्त, विपक्षी विधायकों ने किसानों के खाद और बीज की किल्लत के मुद्दे को लेकर भी सरकार को घेरा। मुख्यमंत्री मोहन यादव, केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और कृषि मंत्री एदल सिंह कंसाना के मुखौटे पहनकर कांग्रेस विधायकों ने गांधी प्रतिमा के पास प्रदर्शन भी किया। दूसरी ओर, सत्ता पक्ष (भाजपा) ने पलटवार करते हुए स्पष्ट किया कि यूसीसी का काम नहीं रुकेगा।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- इस विधेयक के पेश होने से मध्य प्रदेश की राजनीति में तीखी बहस छिड़ गई है।
- विपक्ष इसे बिना पर्याप्त चर्चा और अचानक लाने का विरोध कर रहा है, जबकि सत्ता पक्ष इसे राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में एक बड़ा और दृढ़ कदम बता रहा है।
- आगामी सत्र के दिनों में इस मुद्दे पर सदन के भीतर और बाहर टकराव बढ़ने के आसार हैं।
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Madhya Pradesh Assembly Monsoon Session 2026 starts with heavy uproar as Mohan Yadav government introduces the Uniform Civil Code (UCC) Bill. Opposition Congress protests inside the house, accusing the BJP government of introducing the bill surreptitiously via a supplementary agenda. Congress MLAs also raised slogans over farmer issues including fertilizer shortages.