राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने दिल्ली के जंतर‑मंतर पर युवाओं के प्रदर्शन के दौरान हुई कथित लाठीचार्ज की घटना पर केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा कि “लाठियों से सच को दबाया नहीं जा सकता, देश में आवाज़ों को कुचला जा रहा है।” गहलोत ने सोशल मीडिया पर लिखा कि यह लोकतंत्र के लिए शर्मनाक है और सरकार को युवाओं की मांगें सुननी चाहिए, न कि उन्हें हिंसा से रोकना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विपक्ष की आवाज़ को दबाने की कोशिशें जनता के बीच और असंतोष पैदा करेंगी।
प्रभाव / प्रतिक्रिया
- गहलोत के बयान के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा, जबकि भाजपा नेताओं ने इसे राजनीतिक बयान बताया।
- सोशल मीडिया पर #JantarMantarProtest और #AshokGehlot ट्रेंड करने लगे।
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Former Rajasthan CM Ashok Gehlot criticized the central government over the alleged lathi charge on youth protesters at Jantar Mantar, saying “truth cannot be suppressed with batons.” His remarks sparked political reactions and social media trends highlighting concerns over democratic dissent.