शिवसेना (UBT) में बड़ी टूट का खतरा: 7 सांसद नाराज

Sanjay Raut and Uddhav Thackeray addressing the political crisis in Shiv Sena UBT.

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर शिवसेना यूबीटी संकट गहरा गया है। सूत्रों के मुताबिक, उद्धव ठाकरे के 9 में से 7 सांसद मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में हैं। पार्टी को टूटने से बचाने के लिए संजय राउत और अनिल देसाई ने अब दिल्ली में मोर्चा संभाल लिया है।

सांसदों की नाराजगी की बड़ी वजहें

उद्धव ठाकरे के सांसदों के बीच असंतोष की गहरी वजहें सामने आई हैं। एक सांसद ने आरोप लगाया कि उनकी पत्नी के निधन पर उद्धव ठाकरे ने न तो फोन किया और न ही मिलने आए, जबकि गृह मंत्री अमित शाह ने फोन कर उन्हें सांत्वना दी। वहीं, एक अन्य सांसद ने बताया कि उनके एक्सीडेंट के समय उद्धव ने कोई मदद नहीं की, लेकिन एकनाथ शिंदे और देवेंद्र फडणवीस उनके इलाज के लिए आगे आए। इसके अलावा, स्थानीय चुनावों में आर्थिक मदद न मिलना भी सांसदों के मोहभंग का बड़ा कारण बना है।

संजय राउत का 'नंबर गेम' और 15 करोड़ का आरोप

पार्टी में मची इस भगदड़ को रोकने के लिए संजय राउत ने आक्रामक रुख अपनाया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनके सांसदों को पाला बदलने के लिए 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया जा रहा है। राउत का दावा है कि दलबदल कानून से बचने के लिए बागियों को कम से कम 6 सांसदों की जरूरत है, जो उनके पास नहीं है। उन्होंने इसे 'ऑपरेशन टाइगर' को विफल करने की कोशिश करार दिया है।

दिल्ली में कानूनी और सियासी लड़ाई

शिवसेना (यूबीटी) ने डैमेज कंट्रोल के लिए लोकसभा अध्यक्ष को एक पत्र भी सौंपा है। पार्टी की मांग है कि किसी भी अन्य गुट को मान्यता देने से पहले उनका पक्ष सुना जाए। संजय राउत का कहना है कि ये सांसद प्रधानमंत्री मोदी के चेहरे पर नहीं, बल्कि उद्धव ठाकरे की मेहनत से जीते थे। फिलहाल, दिल्ली में बैठकों का दौर जारी है और यह देखना दिलचस्प होगा कि 'मातोश्री' के चाणक्य इस बगावत को रोकने में कितने सफल होते हैं।
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