मध्य प्रदेश की राजधानी में भोपाल गैस पाइपलाइन रिसाव (Bhopal Gas Pipeline Leak) की घटना से हड़कंप मच गया। अयोध्या बायपास पर सड़क निर्माण के दौरान पाइपलाइन फटने से इलाके में गैस फैल गई, जिससे लोगों की आंखों में जलन होने लगी। हालांकि, एक अस्पताल के सुरक्षा गार्ड की सूझबूझ से बड़ा हादसा टल गया।
खुदाई के दौरान हुआ हादसा
यह घटना भोपाल के अयोध्या बायपास क्षेत्र की है, जहां 10-लेन सड़क निर्माण प्रोजेक्ट का काम चल रहा है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, वहां पहले से क्षतिग्रस्त सीवेज लाइन को सुधारने के लिए खुदाई की जा रही थी। इसी दौरान लापरवाही के चलते 'थिंक गैस' (Think Gas) की मुख्य पाइपलाइन कट गई, जिससे तेजी से गैस का रिसाव होने लगा। गैस फैलते ही आसपास के लोगों को सांस लेने में दिक्कत और आंखों में तेज जलन महसूस होने लगी, जिसके कारण मौके पर अफरा-तफरी मच गई।
बच्चों के अस्पताल पर था बड़ा खतरा
जिस स्थान पर यह रिसाव हुआ, उसके ठीक पास 'एप्पल चिल्ड्रन हॉस्पिटल' स्थित है। हादसे के वक्त अस्पताल के SNCU और NICU वार्ड में कई नवजात और मासूम बच्चे भर्ती थे। यदि गैस रिसाव के दौरान कोई छोटी सी चिंगारी भी उठती, तो एक भयानक विस्फोट हो सकता था, जिससे दर्जनों बच्चों की जान को खतरा पैदा हो जाता।
गार्ड आरिफ खान की बहादुरी
जब मौके पर कोई जिम्मेदार अधिकारी मौजूद नहीं था, तब अस्पताल के सुरक्षा गार्ड आरिफ खान देवदूत बनकर सामने आए। आरिफ ने अपनी जान की परवाह किए बिना अस्पताल से अग्निशामक (Fire Extinguisher) सिलेंडर उठाए और रिसाव वाली जगह की ओर दौड़े। उन्होंने अकेले ही मोर्चे पर डटकर एक के बाद एक दो फायर सिलेंडर खाली कर दिए, जिससे गैस का फैलाव काफी हद तक नियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आरिफ की इस त्वरित कार्रवाई ने एक बड़ी जनहानि को टाल दिया।
प्रशासनिक कार्रवाई और रूट डायवर्जन
सूचना मिलते ही पुलिस टीम एफआरवी (FRV) के साथ मौके पर पहुंची और तुरंत ट्रैफिक को डायवर्ट कर निर्माण कार्य रुकवा दिया। थाना प्रभारी महेश लिलहरे ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और तकनीकी टीम द्वारा पाइपलाइन के सुधार का कार्य किया जा रहा है। पुलिस ने निर्माण कंपनी को घनी आबादी और अस्पताल जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में खुदाई के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सख्त हिदायत दी है।