मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के सरकारी स्कूलों में मध्यप्रदेश स्कूल खगोलीय प्रयोगशाला (MP School Astronomical Labs) स्थापित करने की बड़ी पहल की है। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत बेटियों को विज्ञान और तकनीक में आगे बढ़ाने के लिए ये अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं छात्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करेंगी।
इंदौर से हुई 'खगोलीय' शुरुआत
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में इंदौर के बड़ा गणपति स्थित 'शासकीय शारदा कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' का दौरा किया। "स्कूल चले हम" अभियान के अंतर्गत आयोजित इस दौरे में उन्होंने विद्यालय में स्थापित की गई आकर्षक और अत्याधुनिक खगोलीय प्रयोगशाला का गहन निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद छात्राओं से खगोलीय उपकरणों, वेधशाला (Observatory) और विभिन्न वैज्ञानिक मॉडल्स के संबंध में विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विद्यालय में 'स्पार्क एस्ट्रोनॉमी' लैब, स्पेस-थीम और रॉकेट मॉडल्स को देखकर प्रसन्नता व्यक्त की और छात्राओं के वैज्ञानिक कौशल की सराहना की।
छात्राओं के सपनों को मिली उड़ान
विद्यालय के निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने स्मार्ट कक्षाओं में जाकर छात्राओं से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने अत्यंत सहजता से बालिकाओं से उनके भविष्य के लक्ष्यों और समाज के प्रति उनके योगदान के बारे में पूछा। छात्राओं ने भी पूरे उत्साह और आत्मविश्वास के साथ अपने सपनों और रुचियों को साझा किया। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि और अध्ययन व्यवस्था की जानकारी लेते हुए उन्हें निरंतर आगे बढ़ने और बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने छात्राओं से जिज्ञासु बनकर सीखने और अपने ज्ञान का विस्तार करने का आह्वान किया।
NEP 2020 और आधुनिकीकरण पर जोर
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार शासकीय स्कूलों के आधुनिकीकरण और बेटियों को STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्र में हर संभव अवसर प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकारी विद्यालयों में इस स्तर की उच्च-स्तरीय खगोलीय प्रयोगशालाओं का होना नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के उद्देश्यों को सार्थक बनाता है। सरकार प्रदेश में बेहतर शैक्षणिक वातावरण के लिए स्मार्ट क्लास, विज्ञान नवाचारों और प्रयोगशालाओं का निरंतर विस्तार कर रही है, जिससे विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित हो सके।
तकनीकी वेंडर्स के लिए बड़े अवसर (B2G)
यह पहल केवल शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि यह एडटेक (EdTech) और तकनीकी क्षेत्र के लिए भी एक बड़ा संकेत है। स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा इन खगोलीय वेधशालाओं और रोबोटिक्स मॉडल्स के विस्तार के लिए लैब इक्विपमेंट सप्लायर्स, एआई कोडिंग सॉफ्टवेयर वेंडर्स और स्टेम (STEM) ट्रेनिंग प्रोवाइडर्स के लिए बड़े पैमाने पर सरकारी खरीद (B2G) के टेंडर्स आमंत्रित किए जा रहे हैं। इससे स्थानीय स्तर पर तकनीकी कौशल निर्माण और रेवेन्यू मॉडल के नए रास्ते खुल रहे हैं।