ललितपुर: फर्जी डॉक्टर बनकर इलाज करने वाला दंपत्ति गिरफ्तार

Police officers taking the accused woman into custody in the Lalitpur fake doctor case.

उत्तर प्रदेश के ललितपुर में पुलिस ने एक ऐसे फर्जी डॉक्टर दंपत्ति (Fake Doctor Couple) का भंडाफोड़ किया है, जो दूसरों की डिग्री पर सालों से इलाज कर रहे थे। पति के बाद अब 25 हजार की इनामी पत्नी को भी गिरफ्तार कर लिया गया है, जिससे स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मचा है।

रिश्तेदारों की डिग्री का किया इस्तेमाल

ललितपुर जिले से सामने आया यह मामला चिकित्सा जगत को दहला देने वाला है, जहां फर्जी दस्तावेजों के आधार पर लोगों की जान के साथ खिलवाड़ किया जा रहा था। पुलिस जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अभिनव सिंह पिछले तीन सालों से ललितपुर जिला मेडिकल कॉलेज में कार्डियोलॉजिस्ट (हृदय रोग विशेषज्ञ) के पद पर तैनात था। उसने इस प्रतिष्ठित पद को पाने के लिए अमेरिका में रहने वाले अपने बहनोई डॉ. राजीव गुप्ता की एमबीबीएस और एमडी की डिग्री तथा पहचान संबंधी दस्तावेजों का सहारा लिया था।



पत्नी ने ननद के दस्तावेजों से की धोखाधड़ी

पति की राह पर चलते हुए पत्नी लवीना सिंह ने भी शातिराना तरीके से अपनी ननद डॉ. दीपाली के मेडिकल दस्तावेजों को हासिल कर लिया। अपनी पहचान बदलकर वह मध्य प्रदेश के बीना स्थित एक अस्पताल में डॉक्टर के रूप में काम करने लगी। जब इस बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ, तो लवीना पुलिस की पकड़ से बचने के लिए फरार हो गई थी, जिस पर पुलिस अधीक्षक ने 25 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने अब उसे सलाखों के पीछे भेज दिया है।


काली कमाई से खड़ा किया साम्राज्य

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया है कि इस दंपत्ति ने फर्जी डॉक्टर बनकर समाज में न केवल रसूख बनाया, बल्कि अवैध रूप से खूब पैसा भी कमाया। इस धोखाधड़ी की कमाई से उन्होंने जमीनें खरीदीं, आलीशान मकान बनाए और महंगी गाड़ियां भी रखी थीं।


वर्तमान में पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गोरखधंधे में और कौन-कौन से लोग शामिल थे। इस घटना ने एक बार फिर मेडिकल सिस्टम में डिग्री सत्यापन और सुरक्षा की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
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