NHAI के अनुसार, इंदौर-खलघाट-सेंधवा से महाराष्ट्र सीमा तक फैले लगभग 160 किलोमीटर लंबे इस हिस्से को अपग्रेड किया जाएगा। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य बढ़ते ट्रैफिक के दबाव को कम करना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। इस मार्ग पर स्थित चुनौतीपूर्ण पहाड़ी रास्तों, जैसे भेरू घाट, बाकनेर घाट और बिजासन घाट को भी सिक्स-लेन की तर्ज पर आधुनिक और सुरक्षित बनाया जाएगा।
नर्मदा नदी पर बनेगा नया पुल
'ब्लैकस्पॉट' सुधार और सड़क सुरक्षा
NH-52 का यह हिस्सा न केवल आर्थिक रूप से महत्वपूर्ण है, बल्कि यहाँ से प्रतिदिन लगभग 40,000 वाहन गुजरते हैं। सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए NHAI बिजासन घाट जैसे 'ब्लैकस्पॉट' (दुर्घटना संभावित क्षेत्र) की पहचान कर वहां के तीखे मोड़ों को फिर से डिजाइन करेगा। आधुनिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम और बेहतर जल निकासी व्यवस्था भी इस परियोजना का हिस्सा होंगे।
पीथमपुर और लॉजिस्टिक्स को मिलेगा बढ़ावा
इस सिक्स-लेन विस्तार से मध्य भारत के प्रमुख औद्योगिक केंद्र पीथमपुर को सबसे अधिक लाभ होने की उम्मीद है। बेहतर सड़क मार्ग से लॉजिस्टिक्स लागत में कमी आएगी और सप्लाई चेन मजबूत होगी। यह प्रोजेक्ट NH-47 और प्रस्तावित इंदौर-वेस्टर्न बायपास के साथ मिलकर एक सशक्त राष्ट्रीय लॉजिस्टिक्स नेटवर्क तैयार करेगा
