मध्य प्रदेश में कांग्रेस ने अपना आधार मजबूत करने के लिए भोपाल में 'प्रोजेक्ट एम' (Project M) लॉन्च किया है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य अल्पसंख्यक महिलाओं को पार्टी की मुख्यधारा और नेतृत्व से जोड़ना है। इसके जरिए कांग्रेस गांव-गांव तक अपनी विचारधारा पहुंचाकर आगामी चुनावों के लिए संगठन को सशक्त बनाएगी।
नेतृत्व और भागीदारी पर जोर
भोपाल स्थित प्रदेश कांग्रेस कार्यालय (पीसीसी) में आयोजित इस कार्यक्रम में प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि 'प्रोजेक्ट एम' केवल एक संगठनात्मक अभियान नहीं है, बल्कि यह महिलाओं को निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करने का एक राजनीतिक संकल्प है। पार्टी का लक्ष्य मुस्लिम, सिख, ईसाई, जैन और बौद्ध समाज की महिलाओं को नेतृत्व के अवसर प्रदान करना है।
आंदोलन नहीं, संवाद होगी रणनीति
इस प्रोजेक्ट की सबसे खास बात इसकी कार्यशैली है। प्रोजेक्ट से जुड़ी महिलाएं पारंपरिक राजनीति की तरह सड़कों पर धरना-प्रदर्शन या आंदोलन नहीं करेंगी। इसके बजाय, वे अपने-अपने समाज के बीच जाकर महिलाओं से सीधा संवाद करेंगी और कांग्रेस की विचारधारा को उन तक पहुंचाएंगी। पार्टी ने पिछले सात महीनों की तैयारी के बाद 160 महिलाओं का एक विशेष नेतृत्व समूह तैयार किया है।
'M' का असली मतलब और भविष्य की योजना
कांग्रेस नेतृत्व ने स्पष्ट किया कि 'प्रोजेक्ट एम' में 'एम' का तात्पर्य केवल महिला नहीं, बल्कि माइनॉरिटी (अल्पसंख्यक) समाज के सभी वर्गों से है। पार्टी ने संकेत दिए हैं कि इस अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने वाली सक्रिय महिलाओं को आगामी नगरीय निकाय चुनावों में टिकट और संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी जा सकती हैं।
इस पहल के माध्यम से कांग्रेस उन सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश कर रही है, जहां अब तक उसकी पहुंच सीमित रही है। कार्यक्रम के दौरान संगठन महामंत्री डॉ. संजय कामले और प्रशिक्षण विभाग प्रभारी महेंद्र जोशी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
