केरल सीएम पद के लिए कांग्रेस में खींचतान

 

Congress leaders race for Kerala Chief Minister post Satheesan Chennithala Venugopal



तिरुवनंतपुरम: केरल में कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (UDF) की जीत के बाद मुख्यमंत्री पद को लेकर अंतर-पार्टी संघर्ष तेज हो गया है। तीन वरिष्ठ नेताओं के बीच सीएम पद की जद्दोजहद ने पार्टी हाईकमान के लिए मुश्किलें खड़ी कर दी हैं। कांग्रेस विधायक दल (CLP) ने सर्वसम्मति से एक प्रस्ताव पारित किया है, जिसमें अंतिम फैसला पार्टी अध्यक्ष और हाईकमान पर छोड़ दिया गया है। यह कदम आंतरिक कलह को सार्वजनिक हुए बिना सुलझाने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है।

इस रेस में तीन मुख्य दावेदार हैं। पहले नेता प्रतिपक्ष वी.डी. सतीशन, जिन्हें युवा और कट्टर छवि का नेता माना जाता है। दूसरे पूर्व नेता प्रतिपक्ष रमेश चेन्निथला, जिनका जमीनी स्तर पर मजबूत जनाधार है। तीसरे नाम AICC महासचिव के.सी. वेणुगोपाल हैं, जिनका राष्ट्रीय स्तर पर कद बड़ा है। सूत्रों के अनुसार, हर एक नेता अपने पक्ष में 20-25 विधायकों का समर्थन होने का दावा कर रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि हाईकमान तीन कारकों को देखेगा – जातीय समीकरण, वरिष्ठता और विकास की दृष्टि। केरल में ईसाई और हिंदू मतदाताओं का संतुलन बनाना भी एक चुनौती है। इसके अलावा, गठबंधन साझीदारों की राय भी मायने रखेगी।

कांग्रेस की आंतरिक नाराजगी के चलते पार्टी नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से कोई बयान देने से मना कर दिया है। हाईकमान ने किसी भी नेता को मीडिया में साक्षात्कार न देने का निर्देश दिया है। फैसला आने तक केरल की जनता नई सरकार के स्वरूप को लेकर उत्सुक है। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले 72 घंटों में नाम की घोषणा हो जाएगी।

प्रभाव:

विलंब से केरल में प्रशासनिक पहिये की गति प्रभावित हो सकती है। पार्टी की एकता पर भी संकट के बादल मंडरा रहे हैं।

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