मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में छतरपुर के डायल-112 हीरोज ने तत्परता दिखाते हुए एक भटकी हुई 13 वर्षीय मानसिक रूप से अस्वस्थ बालिका को सुरक्षित उसके परिजनों से मिलाया है। पुलिस की इस मानवीय पहल ने न केवल बालिका की सुरक्षा सुनिश्चित की, बल्कि समाज में पुलिस की संवेदनशीलता की मिसाल पेश की है।
सूचना मिलते ही सक्रिय हुई टीम
यह घटना 15 मई की है, जब राज्य स्तरीय पुलिस कंट्रोल रूम डायल-112, भोपाल को सूचना मिली कि बकस्वाहा थाना क्षेत्र के देवरी तिराहा के पास एक किशोरी अकेली और परेशान हालत में घूम रही है। जानकारी मिलते ही पुलिस ने पाया कि बालिका मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसे तुरंत सहायता की जरूरत है। बिना समय गंवाए, बकस्वाहा क्षेत्र में तैनात डायल-112 वाहन को घटनास्थल की ओर रवाना किया गया।
जवानों की संवेदनशीलता और खोज अभियान
मौके पर पहुँचे डायल-112 स्टाफ के आरक्षक मुकेश कुमार और पायलट पंकज कुमार दुबे ने बालिका को अपनी सुरक्षा में लिया। बालिका की मानसिक स्थिति ठीक न होने के कारण वह अपने घर के पते या परिजनों के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं दे पा रही थी। इसके बावजूद, जवानों ने हार नहीं मानी और उसे पुलिस वाहन (FRV) से आसपास के विभिन्न क्षेत्रों में ले जाकर पूछताछ शुरू की। जब प्रारंभिक स्तर पर सफलता नहीं मिली, तो उसे सुरक्षित बमोरी पुलिस चौकी ले जाया गया।
परिवार से मिलन और पुलिस की प्रतिबद्धता
कुछ समय बाद, बालिका की तलाश कर रहे उसके परिजन स्वयं बमोरी चौकी पहुँच गए। पुलिस टीम ने पूरी सावधानी के साथ आवश्यक पहचान और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी की और फिर बालिका को उसके पिता के सुपुर्द कर दिया। पिता ने अपनी बेटी को सुरक्षित पाकर पुलिस का आभार व्यक्त किया।
यह पूरी कार्रवाई मध्य प्रदेश पुलिस की 'डायल-112 हीरोज' श्रृंखला के अंतर्गत आती है। यह घटना दर्शाती है कि राज्य की पुलिस सेवा आमजन, विशेषकर बच्चों और जरूरतमंदों की सुरक्षा हेतु सदैव सजग और प्रतिबद्ध है। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से न केवल एक असहाय बालिका को सुरक्षा मिली, बल्कि उसे परिवार का सान्निध्य भी पुनः प्राप्त हो सका।
