तेलंगाना की साइबराबाद पुलिस ने शनिवार को केंद्रीय मंत्री "बंदी संजय" के बेटे "बंदी साई भगीरथ" को POCSO मामले में गिरफ्तार कर लिया है। उनके खिलाफ एक नाबालिग लड़की के यौन उत्पीड़न का आरोप है। लुक-आउट नोटिस जारी होने के बाद हुई इस कार्रवाई से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है।
कानून के सामने सब बराबर
"बंदी संजय" गिरफ्तारी के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री "बंदी संजय कुमार" ने सोशल मीडिया पर स्पष्ट किया कि उन्होंने स्वयं अपने बेटे को पुलिस के हवाले किया है। उन्होंने कहा, "चाहे मेरा अपना बेटा हो या कोई आम नागरिक, कानून के समक्ष सभी समान हैं"। मंत्री ने न्यायपालिका पर पूर्ण भरोसा जताते हुए जांच में सहयोग करने की बात कही है, हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके बेटे का दावा है कि उसने कोई गलती नहीं की है।
क्या है पूरा मामला
"बंदी भगीरथ" के खिलाफ 8 मई को एक 17 वर्षीय लड़की की मां ने शिकायत दर्ज कराई थी। आरोप है कि "भगीरथ" ने अक्टूबर 2025 से जनवरी 2026 के बीच लड़की का यौन उत्पीड़न किया और उसे भावनात्मक रूप से ब्लैकमेल किया। पुलिस ने शुरुआत में यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया था, लेकिन पीड़िता का बयान दर्ज करने के बाद इसमें POCSO अधिनियम की गंभीर धाराएं जोड़ दी गईं।
हाई कोर्ट से नहीं मिली राहत
गिरफ्तारी से पहले "भगीरथ" की कानूनी टीम ने तेलंगाना हाई कोर्ट में अंतरिम सुरक्षा की गुहार लगाई थी। हालांकि, जस्टिस टी. माधवी देवी ने पीड़िता के बयान को सरसरी तौर पर पढ़ने के बाद किसी भी तरह की राहत देने से इनकार कर दिया। इसके तुरंत बाद पुलिस ने लुक-आउट सर्कुलर जारी किया ताकि आरोपी देश छोड़कर न भाग सके।
जवाबी शिकायत और राजनीतिक प्रभाव
इस मामले में "भगीरथ" की ओर से भी एक जवाबी शिकायत दर्ज कराई गई है, जिसमें लड़की के परिवार पर 5 करोड़ रुपये ऐंठने की कोशिश करने का आरोप लगाया गया है। दूसरी ओर, टीआरएस (TRS) नेता "के. कविता" ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर मांग की है कि निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए "बंदी संजय" को केंद्रीय मंत्रिमंडल से हटाया जाए। वर्तमान में पुलिस आरोपी को मेडिकल जांच के बाद मजिस्ट्रेट के सामने पेश करने की तैयारी कर रही है।