मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा उज्जैन-जावरा ग्रीनफील्ड फोरलेन कॉरीडोर परियोजना का भव्य भूमि पूजन किया गया। लगभग 5,017 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाला यह 98.73 किलोमीटर लंबा कॉरीडोर दिसंबर 2027 तक, यानी सिंहस्थ-2028 से पहले बनकर तैयार हो जाएगा। इस परियोजना से उज्जैन और रतलाम जिले के 62 गांवों के करीब 35 लाख नागरिकों को सीधा लाभ मिलेगा। इसके साथ ही नागदा में अस्थाई भवन में केंद्रीय विद्यालय का शुभारंभ और 'जन सेवा प्रहरी अभियान' की शुरुआत भी की गई। मुख्यमंत्री ने खाचरौद में मटर मंडी, नागदा में नया आईटीआई और चंबल नदी पर बांध बनाने जैसी कई महत्वपूर्ण घोषणाएं भी कीं।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- इस ग्रीनफील्ड कॉरीडोर के निर्माण से मालवा क्षेत्र में यात्री परिवहन बेहद सुगम हो जाएगा और यात्रा के समय व भाड़ा लागत में कमी आएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स, उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों को जबरदस्त गति मिलेगी।
- सिंहस्थ-2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत सुविधाजनक साबित होगा। उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा संपर्क मिलने के कारण यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए एक नया 'स्पीड ट्रैक' बनेगा।
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- इस ग्रीनफील्ड कॉरीडोर के निर्माण से मालवा क्षेत्र में यात्री परिवहन बेहद सुगम हो जाएगा और यात्रा के समय व भाड़ा लागत में कमी आएगी, जिससे लॉजिस्टिक्स, उद्योग, व्यापार, कृषि और पर्यटन क्षेत्रों को जबरदस्त गति मिलेगी।
- सिंहस्थ-2028 के दौरान देश-विदेश से आने वाले करोड़ों श्रद्धालुओं के लिए यह मार्ग अत्यंत सुविधाजनक साबित होगा। उज्जैन को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे से सीधा संपर्क मिलने के कारण यह क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए एक नया 'स्पीड ट्रैक' बनेगा।