भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता में तीसरी ब्रिक्स परिवहन मंत्रियों की बैठक का आयोजन नागपुर में किया गया । इस बैठक का मुख्य विषय "लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण" था ।
सड़क अवसंरचना में प्रगति: केंद्रीय मंत्री श्री नितिन गडकरी ने बताया कि भारत ने विश्व का दूसरा सबसे बड़ा सड़क नेटवर्क विकसित कर लिया है । इसमें दिल्ली-देहरादून आर्थिक गलियारा, सोनमर्ग सुरंग और 10,000 किलोमीटर से अधिक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे शामिल हैं ।
रेलवे और पर्यावरण पहल: भारत के ब्रॉड-गेज नेटवर्क का लगभग पूर्ण विद्युतीकरण हो चुका है और वंदे भारत सेवाओं का विस्तार किया जा रहा है । इसके अलावा, सड़क निर्माण में पुनर्चक्रित प्लास्टिक कचरा, नगरपालिका कचरा, फ्लाई ऐश और स्टील स्लैग का उपयोग कर पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी निभाई जा रही है ।
तकनीकी एवं डिजिटल सुधार: समुद्री रसद को मजबूत करने के लिए 'मैरीटाइम अमृत काल विजन 2047' और 'ई-नाविक' जैसी डिजिटल पहलें शुरू की गई हैं । वहीं, 'प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मुख्य योजना' ने अवसंरचना नियोजन को एकीकृत कर रसद लागत को कम किया है ।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- ग्लोबल सहयोग की अपील: श्री गडकरी ने ब्रिक्स देशों से बुनियादी ढांचे के वित्तपोषण, यातायात जाम, उत्सर्जन और सड़क सुरक्षा जैसी साझा चुनौतियों के लिए सामूहिक समाधान निकालने की अपील की ।
- ज्ञान और तकनीक साझा करने की तैयारी: भारत ने हरित हाइड्रोजन, इलेक्ट्रिक परिवहन, वैकल्पिक ईंधन और डिजिटल परिवहन प्रणालियों के क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और तकनीकी सहयोग को गहरा करने की अपनी तत्परता दोहराई है ।
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