मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में आज समान नागरिक संहिता (UCC) का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए UCC ड्राफ्टिंग कमेटी की एक अत्यंत महत्वपूर्ण बैठक आयोजित हो रही है। जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में समिति धर्मगुरुओं, राजनीतिक दलों और विशेषज्ञों से चर्चा कर हर वर्ग के सुझाव एकत्रित करेगी।
भोपाल में यूसीसी पर महामंथन
मध्यप्रदेश में समान नागरिक संहिता को लागू करने की दिशा में प्रक्रिया तेज हो गई है। आज सोमवार को भोपाल स्थित नरोन्हा प्रशासनिक अकादमी में सुबह 10:30 बजे से शाम 6:00 बजे तक बैठकों का दौर जारी रहेगा। सुप्रीम कोर्ट की पूर्व जज रंजना प्रकाश देसाई की अगुवाई वाली यह कमेटी यूसीसी के विभिन्न पहलुओं और उनके संभावित सामाजिक प्रभावों पर विस्तृत जानकारी जुटा रही है।
सभी वर्गों की भागीदारी पर जोर
कमेटी का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा समावेशी ड्राफ्ट तैयार करना है जिसमें समाज के हर वर्ग के हितों को सुरक्षित रखा जा सके। इसके लिए समिति ने व्यापक स्तर पर हितधारकों को आमंत्रित किया है:
- महत्वपूर्ण आयोग: दोपहर में अनुसूचित जाति (SC), अनुसूचित जनजाति (ST), महिला आयोग, पिछड़ा वर्ग (OBC), बाल आयोग और अल्पसंख्यक कल्याण आयोग के प्रतिनिधि अपने सुझाव साझा करेंगे।
- राजनीतिक दल: राज्य के सभी मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ भी विचार-विमर्श किया जाएगा।
- धर्मगुरु: शाम 3:30 बजे विभिन्न धार्मिक संगठनों और धर्मगुरुओं के साथ बैठक होगी, ताकि सामाजिक और धार्मिक मान्यताओं का ध्यान रखा जा सके।
आदिवासी वर्ग को रखा गया अलग
इस पूरी प्रक्रिया में एक महत्वपूर्ण पहलू यह है कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि मध्यप्रदेश में आदिवासी वर्ग को समान नागरिक संहिता के दायरे से फिलहाल अलग रखा गया है। मुख्यमंत्री ने यह भी संकेत दिए हैं कि राज्य सरकार प्रदेश में शीघ्र ही यूसीसी लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।
भविष्य पर प्रभाव
यह बैठक मध्यप्रदेश की कानूनी और सामाजिक व्यवस्था में एक ऐतिहासिक मोड़ साबित हो सकती है। विशेषज्ञों, जनप्रतिनिधियों और सरकारी अधिकारियों से प्राप्त राय के आधार पर तैयार किया गया यह ड्राफ्ट राज्य में कानून की एकरूपता लाने का आधार बनेगा।