मप्र: पीथंपुर और मंडीदीप में स्मार्ट साइलो के लिए इंसेंटिव मंजूर

Modern smart silos and cold-chain logistics infrastructure for scientific grain storage in Madhya Pradesh.

मध्य प्रदेश सरकार ने Smart Silo and Agro-Logistics MP के तहत पीथंपुर और मंडीदीप औद्योगिक क्षेत्रों के लिए बड़े प्रोत्साहनों की घोषणा की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा जारी इन नए नियमों के तहत सेंसर-बेस्ड भंडारण नेटवर्क स्थापित करने वाले डेवलपर्स को बिजली और भूमि आवंटन में विशेष छूट दी जाएगी।

पारंपरिक भंडारण के दिन लदे

मध्य प्रदेश में अब पारंपरिक गोदामों (Traditional Warehousing) का दौर खत्म होने जा रहा है। मानसून की दस्तक और हाल ही में संपन्न हुए 'जनकल्याण शिविरों' से प्राप्त डेटा के विश्लेषण के बाद, सरकार ने अनाज भंडारण व्यवस्था को पूरी तरह डिजिटल और आधुनिक बनाने का निर्णय लिया है। अब भोपाल-इंदौर कॉरिडोर और मंडीदीप जैसे प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों में सेंसर-बेस्ड स्मार्ट साइलो और कोल्ड-चेन नेटवर्क स्थापित करने पर जोर दिया जाएगा।

डेवलपर्स के लिए विशेष रियायतें

नई नीति के अनुसार, जो निजी डेवलपर्स अत्याधुनिक स्मार्ट साइलो इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करेंगे, उन्हें सरकार की ओर से बड़ी कूटनीतिक और आर्थिक राहत मिलेगी। भूमि आवंटन की जटिल प्रक्रिया को सरल बनाते हुए अब केवल 15 दिनों के भीतर 'फास्ट-ट्रैक एनओसी' (NOC) प्रदान की जाएगी। इसके अतिरिक्त, इन केंद्रों के लिए ग्रिड बिजली शुल्क में अगले 5 वर्षों तक 30 प्रतिशत की विशेष छूट का प्रावधान किया गया है, जिससे परिचालन लागत में बड़ी कमी आएगी।

अपग्रेड न करने पर नहीं मिलेंगे सरकारी अनुबंध

सरकार ने पुराने गोदाम स्वामियों के लिए कड़ा रुख अपनाया है। यह स्पष्ट कर दिया गया है कि जो पुराने गोदाम आधुनिक मानकों के अनुरूप खुद को अपग्रेड नहीं करेंगे या कंप्लायंस पूरा नहीं करेंगे, उन्हें सरकारी अनाज भंडारण के लंबे समय के कांट्रैक्ट (Long-term contracts) नहीं दिए जाएंगे। विभाग का मुख्य लक्ष्य मानसून के दौरान नमी और कीटों से होने वाली अनाज की बर्बादी को रोकना और रसद प्रबंधन (Agro-logistics) को अंतरराष्ट्रीय स्तर का बनाना है।,

बाजार में बढ़ेंगी नई संभावनाएं

इस घोषणा के बाद एग्रो-लॉजिस्टिक्स डेवलपर्स, सेंसर निर्माताओं और इंडस्ट्रियल वॉटरप्रूफिंग वेंडर्स के लिए यह एक 'बंपर सीजन' साबित होने वाला है। पीथंपुर और मंडीदीप क्लस्टर्स को आधुनिक कृषि-रसद हब के रूप में विकसित करने से न केवल खाद्य सुरक्षा मजबूत होगी, बल्कि निजी क्षेत्र के निवेश को भी नई रफ्तार मिलेगी।
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