ईरान वार्ता: अमेरिकी अधिकारियों की जासूसी के आरोपों से हड़कंप

US President Donald Trump and Israeli PM Benjamin Netanyahu facing diplomatic tensions over Iran strategy.

पश्चिम एशिया में जारी भारी तनाव के बीच एक सनसनीखेज रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायल ने अमेरिकी अधिकारियों की जासूसी शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल उन अधिकारियों की निगरानी कर रहा है जो ईरान के साथ शांति वार्ता में शामिल हैं, जिससे दोनों देशों के बीच कूटनीतिक दरार पैदा हो सकती है।

दोस्ती और जासूसी का नया विवाद

अमेरिकी खुफिया विभाग की हालिया रिपोर्टों ने इजरायल और अमेरिका के ऐतिहासिक दोस्ताना रिश्तों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यद्यपि दोनों देश एक-दूसरे के साथ खुफिया जानकारी साझा करने के लिए जाने जाते हैं, लेकिन ताजा रिपोर्ट बताती है कि इजरायल की खुफिया एजेंसी अब उन लोगों पर ध्यान केंद्रित कर रही है जो ईरान के साथ शांति प्रक्रिया का हिस्सा हैं।

कौन हैं इजरायल के निशाने पर
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इजरायली जासूसी एजेंसियों ने उन प्रमुख वार्ताकारों को ट्रैक किया है जो राष्ट्रपति ट्रंप की टीम का हिस्सा हैं। इनमें मुख्य रूप से स्टीव विटकॉफ, पेंटागन अधिकारी एल्ब्रिज ए. कोल्बी और माइकल पी. डिमिनो के नाम शामिल हैं। अमेरिका की रक्षा खुफिया एजेंसी (DIA) ने संकेत दिए हैं कि इजरायल में तैनात कुछ अमेरिकी अधिकारियों के मोबाइल फोन में निगरानी करने वाला सॉफ्टवेयर (Surveillance Software) इंस्टॉल किया गया है, जिसके बाद सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया गया है।


ईरान रणनीति पर बढ़ता मतभेद

इस कथित जासूसी के पीछे की मुख्य वजह ईरान को लेकर दोनों देशों के अलग-अलग दृष्टिकोण हैं। 28 फरवरी को ईरान पर हुए साझा हमले के बाद से हालात बदल गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप अब ईरान के साथ शांति वार्ता और सीजफायर की वकालत कर रहे हैं, जबकि इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू सैन्य कार्रवाई को जारी रखने के पक्ष में हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायल यह समझने की कोशिश कर रहा है कि ट्रंप ईरान के साथ बातचीत में किस हद तक समझौता कर सकते हैं।

व्हाइट हाउस और इजरायल का रुख हालांकि, इन आरोपों के सामने आने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति कार्यालय और इजरायल सरकार, दोनों ने ही इस रिपोर्ट को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। व्हाइट हाउस ने इस रिपोर्ट को 'राजनीतिक रूप से प्रेरित' बताते हुए कहा है कि इजरायल अपने सहयोगियों की जासूसी नहीं करता है। इजरायल ने भी इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि उनकी खुफिया गतिविधियां केवल दुश्मनों पर केंद्रित हैं।


विवादों के बावजूद, ट्रंप और नेतन्याहू के बीच हाल ही में हुई तीखी बहस ने इन खबरों को हवा दी है कि दोनों देशों के बीच ईरान और लेबनान के मुद्दों पर सहमति नहीं बन पा रही है
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