भारतीय जनता पार्टी ने राहुल गांधी की विदेश यात्रा और उनकी फंडिंग को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। बीजेपी का आरोप है कि पिछले 22 वर्षों में राहुल ने 54 बार विदेश का दौरा किया, जिस पर करीब 60 करोड़ रुपये खर्च हुए, जो उनकी घोषित आय से काफी अधिक है,,।
आय और खर्च के बीच भारी अंतर का आरोप
बीजेपी सांसद संबित पात्रा ने नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान राहुल गांधी पर वित्तीय अनियमितताओं के आरोप लगाए। पात्रा के अनुसार, 2013-14 से 2022-23 के बीच राहुल गांधी की कुल घोषित आय लगभग 11 करोड़ रुपये थी, जबकि इसी अवधि के दौरान उनकी विदेश यात्राओं पर अनुमानित खर्च 60 करोड़ रुपये रहा है। उन्होंने 2015 की दक्षिण-पूर्व एशिया यात्रा का उदाहरण देते हुए कहा कि तब राहुल ने अपनी वार्षिक आय से पांच गुना अधिक पैसा खर्च किया था।
'सीक्रेट ट्रिप्स' और सुरक्षा पर सवाल
बीजेपी ने राहुल गांधी की कुछ यात्राओं को "अघोषित" या "सीक्रेट ट्रिप" करार दिया है,। संबित पात्रा ने दावा किया कि 3 मई 2026 को राहुल गांधी मस्कट और ओमान गए थे, जिसकी जानकारी सरकार को सार्वजनिक डोमेन से मिली,। आरोप है कि राहुल कई बार सुरक्षा एजेंसियों (SPG) को बताए बिना और सरकार से अनुमति लिए बिना विदेश जाते रहे हैं। संबित पात्रा ने सवाल किया कि क्या इन यात्राओं की फंडिंग विदेशी एजेंसियों द्वारा की जा रही है।
विदेश यात्राओं का ब्यौरा और कानूनी मांग
बीजेपी ने राहुल गांधी द्वारा की गई यात्राओं की एक सूची पेश की, जिसमें अमेरिका, इटली, यूके, जर्मनी और वियतनाम जैसे देश शामिल हैं। पात्रा ने कहा कि दिसंबर 2025 की लंदन-बर्लिन यात्रा और सितंबर 2025 की लैटिन अमेरिका यात्रा का कोई पारदर्शी रिकॉर्ड नहीं है। बीजेपी का तर्क है कि यदि यह खर्च निजी है, तो इसका विवरण आयकर रिटर्न में होना चाहिए, अन्यथा यह ब्लैक मनी एक्ट के तहत जांच का विषय बन सकता है।
इस खुलासे के बाद बीजेपी ने राहुल गांधी से स्पष्टीकरण मांगा है कि आखिर इन महंगी यात्राओं के लिए धन कहां से आ रहा है और क्या उन्होंने विदेश यात्रा के नियमों का उल्लंघन किया है।
