प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पांच देशों की सफल यात्रा के बाद भारत लौटते ही एक्शन मोड में आ गए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मंत्रिपरिषद बैठक (PM Modi Council of Ministers Meeting) आज शाम दिल्ली में आयोजित की जाएगी, जिसमें सरकार के कामकाज की समीक्षा और आगामी योजनाओं पर विस्तार से चर्चा होने की संभावना है।
5 देशों के दौरे के बाद पहली बैठक
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 से 20 मई के बीच यूएई (UAE), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के ऐतिहासिक दौरे पर रहे। रोम से दिल्ली वापस लौटते ही उन्होंने मंत्रिपरिषद की यह महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। यह इस साल की पहली मंत्रिपरिषद बैठक होगी, जिसकी अध्यक्षता पीएम मोदी आज गुरुवार शाम 4 बजे नई दिल्ली के 'सेवा तीर्थ' में करेंगे। इस बैठक में सभी कैबिनेट मंत्री, स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री और अन्य राज्य मंत्री हिस्सा लेंगे।
बैठक के संभावित एजेंडे और समीक्षा
बैठक का मुख्य उद्देश्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के कामकाज की गहन समीक्षा करना है। सूत्रों के मुताबिक, इसमें हाल ही में लिए गए अहम फैसलों के नतीजों और भविष्य की रणनीतियों पर मंथन होगा। साथ ही, सरकारी योजनाओं को अधिक प्रभावी ढंग से लागू करने और उनके लाभ को आम जनता तक पहुंचाने पर विशेष फोकस रहेगा।
वैश्विक तनाव और आर्थिक प्रभाव पर चर्चा
मध्य पूर्व (मिडिल ईस्ट) में जारी मौजूदा तनाव के बीच हो रही यह बैठक रणनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है। प्रधानमंत्री पश्चिम एशिया के संकट से होने वाले आर्थिक प्रभावों पर चर्चा कर सकते हैं और संबंधित मंत्रालयों को कड़े निर्देश दे सकते हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वैश्विक अस्थिरता का असर भारत की आम जनता पर कम से कम पड़े। इससे पहले भी उन्होंने विभागों को प्रभावित क्षेत्रों और नागरिकों को राहत देने के निर्देश दिए थे।
मंत्रिमंडल फेरबदल की अटकलें
यह बैठक राजनीतिक रूप से भी काफी चर्चा में है, क्योंकि भाजपा-एनडीए ने हाल ही में पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी के चुनावों में शानदार प्रदर्शन किया है। इसी के साथ, मोदी सरकार 3.0 के मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल की अटकलें भी तेज हो गई हैं। माना जा रहा है कि जून में कैबिनेट में कुछ बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसके मद्देनजर इस बैठक को बेहद खास माना जा रहा है।