नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने पेपर लीक के बड़े खुलासे के बाद नीट यूजी 2026 परीक्षा को आधिकारिक तौर पर रद्द कर दिया है। राजस्थान एसओजी की जांच में पता चला है कि पेपर महाराष्ट्र के नाशिक से लीक हुआ था। इस फैसले से देशभर के 22 लाख से अधिक परीक्षार्थियों को बड़ा झटका लगा है।
नाशिक से शुरू हुआ पेपर लीक का खेल
राजस्थान की स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप (SOG) की जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि 3 मई को आयोजित हुई नीट परीक्षा का पेपर राजस्थान से नहीं, बल्कि महाराष्ट्र के नाशिक से लीक हुआ था। जांच के अनुसार, नाशिक से यह पेपर गुरुग्राम और फिर जयपुर तक पहुंचा था। एक सैंपल पेपर में 100 से ज्यादा सवाल मुख्य परीक्षा के पेपर से हूबहू मिल रहे थे, जिसके बाद परीक्षा की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए।
अब सीबीआई करेगी मामले की जांच
इस घोटाले की गंभीरता को देखते हुए अब इसकी जांच सीबीआई (CBI) को सौंप दी गई है। पुलिस और एसओजी ने अब तक इस मामले में 40 से अधिक लोगों को गिरफ्तार किया है। कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने इस गिरोह के पीछे किसी बड़े मास्टरमाइंड के होने की आशंका जताई है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकार पर इस गड़बड़ी को छिपाने का आरोप लगाया है।
22 लाख छात्रों का भविष्य और मानसिक तनाव
परीक्षा रद्द होने से 22 लाख से ज्यादा छात्र मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। कई छात्रों का कहना है कि उन्होंने सालों तक मेहनत की थी और अब दोबारा परीक्षा देने से उनके स्कोर पर असर पड़ सकता है। एनटीए ने छात्रों की सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर (011-40759000) भी जारी किया है ताकि वे सही जानकारी प्राप्त कर सकें।
दोबारा परीक्षा के लिए क्या हैं निर्देश
एनटीए प्रमुख अभिषेक सिंह ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दोबारा परीक्षा देने के लिए कोई नई फीस नहीं देनी होगी और न ही नया फॉर्म भरना होगा। परीक्षा की नई तारीखों का ऐलान जल्द ही आधिकारिक वेबसाइट पर किया जाएगा। छात्रों को पुराने केंद्रों पर ही परीक्षा देने का मौका मिल सकता है और उनके लिए नए एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे।
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