मध्य प्रदेश में नेशनल लोक अदालत 9 मई को, टैक्स सरचार्ज में बंपर छूट का एलान

National Lok Adalat banner outside a court in Madhya Pradesh

त्वरित न्याय का बड़ा मंच

मध्य प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशानुसार, प्रदेश के सभी न्यायालयों में आगामी 9 मई 2026 को 'नेशनल लोक अदालत' का आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन एमपी नेशनल लोक अदालत 2026 के तहत किया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य अदालतों में लंबित मामलों को आपसी समझौते के आधार पर त्वरित और सुलभ तरीके से निपटाना है। 
इस लोक अदालत में दीवानी, फौजदारी (शमनीय मामले), पारिवारिक विवाद, बैंक रिकवरी, और चेक बाउंस जैसे हजारों मामलों के निराकरण का लक्ष्य रखा गया है। आम जनता के लिए यह अपने पुराने विवादों को हमेशा के लिए खत्म करने का एक बेहतरीन अवसर है।

प्रॉपर्टी और वाटर टैक्स सरचार्ज में बंपर राहत

इस बार की नेशनल लोक अदालत आम करदाताओं के लिए विशेष सौगात लेकर आई है। राज्य सरकार के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने लोक अदालत के माध्यम से बकाया संपत्ति कर (Property Tax) और जल कर (Water Tax) के सरचार्ज (अधिभार) में भारी छूट देने का निर्णय लिया है। एमपी नेशनल लोक अदालत 2026 के तहत, यदि कोई करदाता अपने बकाया टैक्स का मूलधन जमा करता है, तो उसे सरचार्ज में निम्नलिखित राहत मिलेगी:
  • संपत्ति कर: ₹50,000 तक के बकाया सरचार्ज पर 100% की छूट। यदि सरचार्ज ₹50,000 से अधिक है, तो आनुपातिक छूट का प्रावधान है।
  • जल कर: ₹10,000 तक के बकाया सरचार्ज पर 100% की छूट। ₹10,000 से अधिक सरचार्ज होने पर नियमों के अनुसार राहत दी जाएगी।
यह छूट केवल 9 मई को लोक अदालत के दिन ही मान्य होगी, इसलिए प्रशासन ने नागरिकों से इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाने की अपील की है।

नगर निगम और स्थानीय निकायों की तैयारी

टैक्स सरचार्ज में छूट के एलान के बाद भोपाल, इंदौर, ग्वालियर और जबलपुर सहित प्रदेश के सभी नगर निगमों और नगर पालिकाओं में तैयारियां तेज हो गई हैं। निकायों द्वारा वार्ड स्तर पर शिविर लगाकर लोगों को उनके बकाया टैक्स की जानकारी दी जा रही है। एमपी नेशनल लोक अदालत 2026 के दिन नगर निगम के कैश काउंटर सुबह से ही खुले रहेंगे ताकि लोग अपना टैक्स जमा कर सकें और सरचार्ज माफी का लाभ उठा सकें। अधिकारियों का मानना है कि इस योजना से निकायों को करोड़ों रुपये के राजस्व की वसूली होने की उम्मीद है, जिसका उपयोग शहर के विकास कार्यों में किया जाएगा।

लोक अदालत में किन मामलों का होता है निपटारा?

9 मई को आयोजित होने वाली नेशनल लोक अदालत में निम्नलिखित प्रकार के लंबित और प्री-लिटिगेशन मामलों का निराकरण किया जा सकता है:
  • राजीनामा योग्य फौजदारी मामले: मारपीट, गाली-गलौज और अन्य छोटे अपराध।
  • दीवानी मामले: जमीन-जायदाद से जुड़े विवाद, किरायेदारी के मामले।
  • पारिवारिक विवाद: भरण-पोषण, वैवाहिक विवाद (तलाक को छोड़कर)।
  • बैंक और विद्युत विवाद: बैंक लोन रिकवरी और बिजली चोरी के शमनीय मामले।
  • मोटर दुर्घटना दावा: सड़क दुर्घटनाओं के मुआवजे से जुड़े मामले।

एमपी नेशनल लोक अदालत 2026 केवल टैक्स में छूट पाने का जरिया नहीं है, बल्कि यह आपसी भाईचारे और समझदारी से कानूनी पेचीदगियों को खत्म करने का एक संवैधानिक मंच है। विधिक सेवा प्राधिकरण ने सभी पक्षों से अपील की है कि वे आगे आकर इस अवसर का लाभ उठाएं और अपने विवादों को सौहार्दपूर्ण वातावरण में समाप्त करें

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