मध्य प्रदेश में निवेश की नई राह
प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने आज भोपाल में ग्रीनको ग्रुप (Greenko Group) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक की। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य प्रदेश में मध्य प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी गतिविधियों के विस्तार और नए निवेश प्रस्तावों पर चर्चा करना था।
मुख्यमंत्री कार्यालय में हुई इस मुलाकात में ग्रीनको ग्रुप के कार्यकारी निदेशक और उपाध्यक्ष शामिल हुए, जिन्होंने राज्य सरकार की विकासोन्मुखी नीतियों की सराहना की और भविष्य की योजनाओं का खाका प्रस्तुत किया। मुख्यमंत्री ने आश्वस्त किया कि राज्य सरकार निवेशकों को हर संभव सहयोग प्रदान करेगी।
गांधी सागर में देश का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट
बैठक के दौरान ग्रीनको ग्रुप के अधिकारियों ने नीमच जिले के गांधी सागर में स्थापित किए जा रहे 'पंप हाइड्रो स्टोरेज प्लांट' (Pumped Hydro Storage Plant) की प्रगति से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। यह प्रोजेक्ट न केवल मध्य प्रदेश के लिए, बल्कि पूरे भारत के लिए ऐतिहासिक है। 1920 मेगावाट की क्षमता वाला यह प्लांट देश का सबसे बड़ा पंप हाइड्रो स्टोरेज प्रोजेक्ट होगा। अधिकारियों ने बताया कि इस विशाल प्रोजेक्ट में समूह द्वारा लगभग ₹11,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया जा रहा है। मध्य प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी के क्षेत्र में यह अब तक के सबसे बड़े निवेशों में से एक है और इससे राज्य की ऊर्जा आत्मनिर्भरता को बड़ा बल मिलेगा।
ग्रीनको ग्रुप का एमपी में मौजूदा पोर्टफोलियो
ग्रीनको ग्रुप मध्य प्रदेश के ऊर्जा क्षेत्र में एक स्थापित नाम है। बैठक में इस बात पर भी चर्चा हुई कि समूह राज्य के अन्य हिस्सों में भी नवीकरणीय ऊर्जा परियोजनाओं का संचालन कर रहा है। वर्तमान में, ग्रीनको शिवपुरी, मंदसौर और रतलाम जिलों में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं पर काम कर रहा है। इन परियोजनाओं के माध्यम से राज्य के ग्रिड को स्वच्छ ऊर्जा की आपूर्ति की जा रही है। गांधी सागर प्रोजेक्ट के पूरा होने के बाद, ग्रीनको ग्रुप की मध्य प्रदेश में कुल ऊर्जा उत्पादन क्षमता में कई गुना वृद्धि हो जाएगी।
प्रोजेक्ट के मुख्य फायदे
नीमच के गांधी सागर में लग रहे इस प्रोजेक्ट से राज्य को निम्नलिखित लाभ मिलने की उम्मीद है:
- रोजगार सृजन: प्रोजेक्ट के निर्माण और परिचालन चरण के दौरान हजारों स्थानीय लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार मिलेगा।
- ऊर्जा सुरक्षा: पीक आवर्स के दौरान ग्रिड को स्थिर रखने के लिए 'स्टोरेज प्लांट' अत्यंत महत्वपूर्ण होते हैं, जिससे निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- क्लीन एनर्जी लक्ष्य: यह प्रोजेक्ट भारत सरकार के 'नेट जीरो' कार्बन उत्सर्जन लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में मध्य प्रदेश के योगदान को बढ़ाएगा।
- औद्योगिक विकास: स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा की उपलब्धता से नीमच और आसपास के क्षेत्रों में औद्योगिक विकास को गति मिलेगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बैठक के अंत में कहा कि राज्य सरकार मध्य प्रदेश में रिन्यूएबल एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और ग्रीनको ग्रुप जैसे बड़े औद्योगिक समूहों का स्वागत करती है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रोजेक्ट की राह में आने वाली किसी भी प्रशासनिक बाधा को तुरंत दूर किया जाए ताकि यह समय पर पूरा हो सके।