MP हाईकोर्ट सख्त: प्रमुख सचिव समेत तीन अफसरों के वारंट

Jabalpur High Court building symbolizing legal action and justice.

जबलपुर हाईकोर्ट ने अदालती आदेशों की अनदेखी करने पर सख्त रुख अपनाया है। एमपी हाईकोर्ट वारंट जारी करते हुए जस्टिस विवेक मिश्रा की पीठ ने MSME विभाग के प्रमुख सचिव सहित तीन बड़े अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। वकीलों के पेश न होने और लापरवाही पर कोर्ट ने यह बड़ा कदम उठाया।

लापरवाही पर जस्टिस की नाराजगी

मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रदेश के रसूखदार अधिकारियों के ढुलमुल रवैये पर कड़ा प्रहार किया है। जस्टिस विवेक मिश्रा की एकलपीठ ने अदालती आदेश की अवहेलना और सुनवाई के दौरान अनुपस्थित रहने पर MSME विभाग के प्रमुख सचिव राघवेंद्र सिंह, आयुक्त दिलीप कुमार सिंह और रीवा जिला उद्योग केंद्र के जीएम राहुल दुबे के खिलाफ 25-25 हजार रुपये के जमानती वारंट जारी करने के आदेश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला

यह विवाद जिला उद्योग केंद्र रीवा में पदस्थ असिस्टेंट मैनेजर जय प्रकाश तिवारी के प्रमोशन से जुड़ा है। याचिकाकर्ता के अनुसार, वह मैनेजर पद पर पदोन्नति के पात्र थे, लेकिन विभाग ने उनकी फाइल रोक रखी थी। नवंबर 2024 में हाईकोर्ट ने विभाग को 90 दिनों के भीतर प्रमोशन पर अंतिम फैसला लेने का निर्देश दिया था। तय समय सीमा में कार्रवाई न होने पर पीड़ित ने अवमानना याचिका दायर की थी।

कोर्ट में अफसरों की अनुपस्थिति पड़ी भारी

हैरानी की बात यह रही कि कोर्ट द्वारा नोटिस भेजे जाने के बावजूद न तो अधिकारियों ने अपना जवाब पेश किया और न ही उनकी तरफ से कोई वकील पैरवी के लिए उपस्थित हुआ। कोर्ट ने इस रवैये को न्यायपालिका की सीधी अवमानना माना। आमतौर पर अवमानना याचिकाओं में विभाग समय मांग लेते हैं, लेकिन वकील तक का पेश न होना अधिकारियों की बड़ी लापरवाही माना जा रहा है।

पुलिस को वारंट तामील कराने के निर्देश

अदालत ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक (SP) भोपाल और रीवा को आदेश दिया है कि इन वारंटों की तामील सुनिश्चित कराई जाए। हाईकोर्ट की इस कड़ी कार्रवाई के बाद प्रशासनिक गलियारों में हड़कंप मच गया है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 15 मई को निर्धारित की गई है

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