केरल चुनाव 2026 में बड़ा उलटफेर हुआ है। वाम लोकतांत्रिक मोर्चा यानी LDF को हार का सामना करना पड़ा। इसके साथ ही 50 साल में पहली बार देश के किसी भी राज्य में वामपंथी सरकार नहीं बची है।
1977 से 2011 तक बंगाल में था राज
पश्चिम बंगाल में 1977 से 2011 तक लगातार वाम मोर्चा की सरकार थी। 2011 में ममता बनर्जी ने उन्हें हराया था। केरल में LDF और UDF बारी-बारी से सरकार बनाते थे। इस बार कांग्रेस के नेतृत्व वाले UDF ने जीत दर्ज की है।
शशि थरूर बन सकते हैं CM
केरल चुनाव 2026 के बाद कांग्रेस की जीत पर जनता ने शशि थरूर को मुख्यमंत्री बनाने की मांग की है। थरूर तिरुवनंतपुरम से सांसद हैं और उनकी छवि साफ-सुथरी मानी जाती है।
सोशल मीडिया पर 'Left Left' मीम
नतीजों के बाद सोशल मीडिया पर "The Left has left India" जैसे मीम वायरल हो रहे हैं। BJP समर्थक इसे विचारधारा की जीत बता रहे हैं। वहीं, वाम समर्थकों ने शिक्षा और स्वास्थ्य में LDF के काम गिनाए।
राष्ट्रीय असर
विश्लेषकों के मुताबिक केरल चुनाव 2026 के नतीजों से BJP को समान नागरिक संहिता जैसे मुद्दों पर आगे बढ़ने का हौसला मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी नीति आयोग के अध्यक्ष हैं और अब सभी राज्य सरकारें NDA के साथ या विपक्ष में हैं।
केरल चुनाव 2026 ने साफ कर दिया कि अब वामपंथी राजनीति को नए सिरे से सोचने की जरूरत है।
