भारतीयों की 'तीसरी आँख' - सरकार ने शुरू किया आपात ड्रोन सेवा अभियान

csds-india-emergency-drone-delivery


नई दिल्ली, 6 मई — अब किसी भी संकट में मदद पहुँचाने के लिए सिर्फ एक क्लिक की देरी होगी। केंद्र सरकार ने आज देश के सभी जिलों में 'नागरिक सुरक्षा ड्रोन सेवा' (Civil Security Drone Service – CSDS) का शुभारंभ कर दिया है। इस योजना के तहत, कोई भी व्यक्ति अपने मोबाइल पर एक विशेष नंबर पर मैसेज भेजकर आपात स्थिति में ड्रोन मंगवा सकेगा।


प्रधानमंत्री कार्यालय के सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ये ड्रोन सामान्य कैमरा ड्रोन से कहीं अधिक उन्नत होंगे। इनमें छोटे ऑक्सीजन सिलेंडर, जीवनरक्षक दवाओं का किट, और एक आपात चिकित्सा बॉक्स लगा होता है। जब कोई ग्रामीण या शहरी नागरिक किसी दुर्घटना, हार्ट अटैक, डूबने या भूकंप जैसी स्थिति में SOS मैसेज भेजेगा, तो तत्काल नज़दीकी कंट्रोल रूम से ड्रोन उड़ान भरकर घटना स्थल पर पहुँच जाएगा।


सरकार का दावा है कि इस प्रणाली में शहरी क्षेत्रों में ड्रोन को सिर्फ 3 से 5 मिनट में और ग्रामीण क्षेत्रों में 9 से 12 मिनट में पहुँचाने की क्षमता है। अब तक ऐसी सुविधाएँ सिर्फ पुलिस या सेना के लिए उपलब्ध थीं, लेकिन पहली बार यह तकनीक सीधे हर आम नागरिक की उंगलियों पर आएगी।


गृह मंत्रालय के एक उच्चाधिकारी ने नाम ज़ाहिर न करने की शर्त पर बताया, "हम पिछले तीन साल से 'एडवांस एयर रेस्क्यू' तकनीक पर काम कर रहे थे। आम लोगों के लिए यह सोच अभी तक सिर्फ फिल्मों में थी, लेकिन इसे असलियत बनाने में हम कामयाब रहे हैं।"


वहीं राजस्थान के एक सीमावर्ती गाँव के प्रधान ने कहा, "यहाँ से नज़दीकी अस्पताल करीब तीस किलोमीटर है। अगर ड्रोन सचमुच दवा या ऑक्सीजन पहुँचा देगा, तो हमारे गाँव में हर साल बच्चों की जान बच सकेगी।"

प्रभाव:

हालाँकि कुछ विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि ड्रोन के ग़लत इस्तेमाल या उसे चुरा लिए जाने का खतरा भी है। जवाब में सरकार ने हर ड्रोन को GPS लॉक और स्व-नष्ट होने वाली सुरक्षा चिप (self-destruct security chip) लगाने की बात कही है। इसके अलावा कोई भी व्यक्ति यदि फर्जी SOS भेजता है तो उसे 25,000 रुपये जुर्माना और तीन महीने की कैद का प्रावधान रखा गया है।

पायलट प्रोजेक्ट अगले महीने से पहले चरण में हिमाचल प्रदेश, केरल, असम और राजस्थान के 75 आपदा-प्रभावित ब्लॉकों में शुरू होगा। सफल रहने पर दिसंबर 2026 तक पूरे देश को इन ड्रोनों से कवर कर लिया जाएगा। सरकार इसे 'डिजिटल इंडिया का सबसे बड़ा जन-सुरक्षा अवतार' बताती है।

और नया पुराने