प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया पर जारी एक वीडियो संदेश में कहा कि सरकार देश में एक पारदर्शी और विश्वसनीय परीक्षा प्रणाली के निर्माण के लिए लगातार कदम उठा रही है। उन्होंने कहा कि दशकों से केंद्र और राज्य सरकारों को पेपर लीक की समस्या का सामना करना पड़ा है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लग जाता है। इसी स्थिति से निपटने के लिए संसद में कड़े कानूनों का विधेयक पारित किया गया है। पीएम मोदी ने जोर दिया कि तकनीक आधारित पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था, एंटी-पेपर लीक कानून और परीक्षा माफिया के खिलाफ सख्त कार्रवाई विकसित भारत के निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- संसद में कड़े दंडात्मक प्रावधानों वाले एंटी-पेपर लीक संशोधन विधेयक के पारित होने से लाखों परीक्षार्थियों में निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली को लेकर विश्वास बढ़ा है।
- विपक्षी दलों ने सरकार के इन दावों पर सवाल उठाते हुए कहा है कि केवल सख्त कानून बनाने से पेपर लीक गिरोहों पर पूरी तरह नकेल कसना संभव नहीं है और क्रियान्वयन के स्तर पर बड़े बदलाव की जरूरत है।
read more at 👉 Link: News On AIR Article
इस न्यूज/आर्टिकल/सारांश की सामग्री, तथ्यों और दावों का पूर्ण श्रेय व कानूनी जिम्मेदारी उपरोक्त उल्लेखित आधिकारिक/समाचार स्रोत की है। यह प्लेटफॉर्म (Bharat Bulletin Centre) इसके लिए उत्तरदायी नहीं है।
Prime Minister Narendra Modi reaffirmed the government's commitment to building a trustworthy, transparent, and technology-driven examination system. Addressing the decade-long issue of paper leaks that risk students' futures, PM Modi highlighted the newly passed stringent anti-paper leak laws and strong measures against exam mafias aimed at securing youth potential and shaping a Viksit Bharat.