डिजिटल सुरक्षा: सोशल मीडिया पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम से प्रसारित हो रहे एक वीडियो, जिसमें बच्चों को स्कूल जाने के लिए मुफ्त इलेक्ट्रिक साइकिल देने का दावा किया जा रहा था, उसे पत्र सूचना कार्यालय (PIB) की फैक्ट चेक यूनिट ने पूरी तरह फर्जी और एआई-जनरेटेड (Deepfake) करार दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ऐसी कोई योजना शुरू नहीं की गई है।
प्रभाव / प्रतिक्रिया :
- डिजिटल इंडिया के इस दौर में डीपफेक और एआई तकनीकों के दुरुपयोग से होने वाले भ्रम को रोकने के लिए सरकार अब अधिक सख्त सोशल मीडिया रेगुलेशन और तत्काल फैक्ट-चेक प्रणालियों को बढ़ावा दे रही है।
- नागरिकों को केवल आधिकारिक सरकारी हैंडल्स पर भरोसा करने की सलाह दी गई है।
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