MP लाड़ली बहना योजना: e-KYC विसंगतियों और तकनीकी कारणों से 1 लाख लाभार्थी सूची से बाहर। महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित 'लाड़ली बहना योजना' की 38वीं किस्त जारी होने से पहले बड़े पैमाने पर डेटा शुद्धीकरण (Data Cleansing) किया गया है । समग्र आईडी विलोपन और e-KYC सत्यापन प्रक्रिया पूरी न होने के कारण लगभग 1 लाख महिलाओं के नाम लाभार्थी सूची से हटा दिए गए हैं । मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा हर महीने की 10 से 15 तारीख के बीच ₹1,500 प्रति लाभार्थी की दर से फंड ट्रांसफर किया जाता है, जिसके मद्देनजर ऑन-साइट डेटा वेरिफिकेशन और री-रजिस्ट्रेशन का काम जारी है ।
प्रभाव / प्रतिक्रिया :
- फिनटेक और बैंकिंग वेंडर्स (Fintech & Banking Partners): 1 लाख लाभार्थियों के बाहर होने और पेंडिंग e-KYC के कारण आधार-लिंक्ड बैंक खातों (AEPS) के री-वेरिफिकेशन के लिए वित्तीय सेवा प्रदाताओं और बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट्स (BCs) के लिए ग्रामीण क्षेत्रों में तत्काल व्यावसायिक अवसर पैदा हो रहे हैं ।
- डेटा प्रबंधन और IT कंसल्टेंट्स (Data Management Companies): सतना जैसे जिलों में तकनीकी कारणों से समग्र आईडी डिलीट होने के मामलों के बाद, राज्य स्तर पर नागरिक डेटाबेस (Samagra Portal) के ऑडिट, क्लाउड इंफ्रास्ट्रक्चर सुधार और बग-फिक्सिंग के लिए IT कंसल्टेंसी और डेटा सुरक्षा वेंडर्स की मांग बढ़ी है ।
- स्थानीय ई-गवर्नेंस कियोस्क (CSC & Kiosk Networks): प्रभावित महिलाओं के लिए दोबारा e-KYC और समग्र-आधार लिंकिंग प्रक्रिया शुरू होने से कॉमन सर्विस सेंटर्स (CSCs) और स्थानीय ऑनलाइन कियोस्क नेटवर्क के लिए फुटफॉल और सेवा-शुल्क राजस्व में भारी उछाल आने की उम्मीद है ।
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