भारत सरकार के कोयला मंत्रालय ने राष्ट्रीय कोयला गैसीकरण मिशन (National Coal Gasification Mission) के तहत वर्ष 2030 तक 100 मिलियन टन (MT) कोयला गैसीकरण क्षमता हासिल करने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य रखा है। वर्तमान में लगभग 22.6 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) क्षमता परिचालन में या कार्यान्वयन के अधीन है, जिसमें जिंदल स्टील लिमिटेड और तालचर फर्टिलाइजर्स लिमिटेड जैसी प्रमुख परियोजनाएं शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, सरकार ने 37,500 करोड़ रुपये के वित्तीय परिव्यय के साथ नई योजनाओं को मंजूरी दी है, जिससे सालाना लगभग 75 MT कोयले के स्वच्छ उपयोग को बढ़ावा मिलेगा।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- आयात निर्भरता में कमी: परियोजनाओं के चालू होने पर कोयला और लिग्नाइट गैसीकरण से प्रति वर्ष लगभग ₹1.5 लाख करोड़ का आयात प्रतिस्थापन (Import Substitution) होने का अनुमान है।
- स्वच्छ ऊर्जा और औद्योगिक विकास: गैसीकरण तकनीक से सिंथेटिक प्राकृतिक गैस, रसायन, उर्वरक और हाइड्रोजन का उत्पादन होगा, जिससे देश की ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।
- निवेश और रोजगार: पूंजीगत व्यय पर 15% से 20% तक की वित्तीय प्रोत्साहन योजनाओं से भारी निवेश आकर्षित होगा और बड़े पैमाने पर रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
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India's Ministry of Coal targets 100 MT coal gasification by 2030. With new financial incentives of ₹37,500 crore, the initiative aims to boost clean energy, drive import substitution worth ₹1.5 lakh crore, and enhance energy security.