कृषि संरक्षण: राष्ट्रीय वर्षासिंचित क्षेत्र प्राधिकरण (NRAA) द्वारा वित्तपोषित 'Wild Rice Conservation' प्रोजेक्ट ने असम में एक बड़ी सफलता हासिल की है। इस वैज्ञानिक प्रोजेक्ट के तहत असम के दलदली और प्राकृतिक आवासों में पाई जाने वाली स्वदेशी जंगली धान की प्रजातियों का दस्तावेजीकरण और संरक्षण डेटा बेस सफलतापूर्वक तैयार कर लिया गया है।
प्रभाव / प्रतिक्रिया :
- इस ऐतिहासिक जैव-विविधता संरक्षण से भविष्य में जलवायु-अनुकूल और रोग-प्रतिरोधी धान की नई हाइब्रिड किस्में विकसित करने में मदद मिलेगी।
- पूर्वोत्तर भारत की कृषि अर्थव्यवस्था और बीज विनिर्माण (Seed Manufacturing) सेक्टर को दीर्घकालिक लाभ होगा।