केन्द्रीय विधि एवं न्याय मंत्री श्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में जानकारी दी कि पिछले 12 वर्षों में भारत के संविधान में 8 संशोधन किए गए हैं। इन संशोधनों का मुख्य विवरण इस प्रकार है:
- 99वां संशोधन अधिनियम, 2014: सर्वोच्च एवं उच्च न्यायालयों में न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली के स्थान पर राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) की स्थापना।
- 100वां संशोधन अधिनियम, 2015: भारत और बांग्लादेश के बीच ऐतिहासिक भूमि सीमा समझौते (Land Boundary Agreement) को लागू करना।
- 101वां संशोधन अधिनियम, 2016: देश भर में एक समान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली, यानी वस्तु एवं सेवा कर (GST) की शुरुआत।
- 102वां संशोधन अधिनियम, 2018: राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग (NCBC) को संवैधानिक दर्जा प्रदान करना।
- 103वां संशोधन अधिनियम, 2019: आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों (EWS) के लिए सरकारी नौकरियों और शैक्षणिक संस्थानों में 10% आरक्षण।
- 104वां संशोधन अधिनियम, 2019: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए सीटों के आरक्षण को 25 जनवरी 2030 तक बढ़ाना।
- 105वां संशोधन अधिनियम, 2021: सामाजिक और शैक्षणिक रूप से पिछड़े वर्गों (SEBC) की पहचान करने की राज्यों की शक्ति को बहाल करना।
- 106वां संशोधन अधिनियम, 2023: लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% सीटें आरक्षित करना (नारी शक्ति वंदन अधिनियम)।
प्रभाव / प्रतिक्रिया:
- इन संशोधनों से देश की न्यायप्रणाली, कर व्यवस्था, सीमा सुरक्षा, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्रों में दूरगामी बदलाव देखने को मिले हैं।
- विशेष रूप से GST लागू होने से देश की अर्थव्यवस्था एकीकृत हुई है
- EWS और महिला आरक्षण से समाज के वंचित वर्गों की भागीदारी संसद और शैक्षणिक संस्थानों में सुनिश्चित हुई है।
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The Government of India informed the Lok Sabha that 8 constitutional amendments have been enacted over the past 12 years. These include landmark reforms like GST implementation, EWS reservation, land boundary agreements, and women's reservation in assemblies and parliament. Read full details here.