LPG सिलेंडर बुकिंग नियम: जानिए क्या है 25 और 45 दिन का सच

Domestic LPG cylinders reflecting the current booking and distribution rules in India.

देश में एलपीजी सिलेंडर बुकिंग नियम को लेकर सोशल मीडिया पर फैली भ्रांतियों के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति स्पष्ट की है। पेट्रोलियम मंत्रालय के अनुसार, रिफिल बुकिंग की समय-सीमा में कोई नया बदलाव नहीं किया गया है और शहरी क्षेत्रों के लिए 25 दिन एवं ग्रामीण क्षेत्रों के लिए 45 दिन का अंतराल ही प्रभावी है।

सरकार ने दावों को बताया भ्रामक

हाल ही में कुछ खबरों और सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया जा रहा था कि सरकार ने उज्ज्वला (PMUY) और सामान्य कनेक्शनों के लिए बुकिंग की समय-सीमा बदल दी है। सरकार ने इन दावों को पूरी तरह खारिज करते हुए स्पष्ट किया है कि शहरी क्षेत्रों में उपभोक्ता 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन के अंतराल पर ही गैस बुक कर सकते हैं। मंत्रालय ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की 'पैनिक बुकिंग' से बचें, क्योंकि देश में रसोई गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।

हाई कोर्ट ने केंद्र से मांगा जवाब

एक ओर जहां सरकार नियमों में बदलाव से इनकार कर रही है, वहीं मध्य प्रदेश हाई कोर्ट ने ग्रामीण और शहरी उपभोक्ताओं के लिए अलग-अलग नियमों पर सख्त रुख अपनाया है। हाई कोर्ट में दायर एक याचिका में आरोप लगाया गया है कि यह अंतर 'समानता के अधिकार' के खिलाफ है।
अदालत ने केंद्र सरकार से शपथ-पत्र के माध्यम से जवाब मांगा है कि आखिर एक ही सेवा के लिए दो अलग-अलग मानदंड क्यों रखे गए हैं।

पारदर्शिता के लिए DAC सिस्टम का विस्तार

गैस वितरण प्रणाली में पारदर्शिता लाने और कालाबाजारी रोकने के लिए सरकार ने डिलीवरी ऑथेंटिकेशन कोड (DAC) का दायरा बढ़ाने का फैसला किया है। अब यह सिस्टम 50% के बजाय 90% उपभोक्ताओं को कवर करेगा, जिससे सिलेंडर की डिलीवरी केवल ओटीपी (OTP) साझा करने पर ही पूर्ण मानी जाएगी।

उपभोक्ताओं पर प्रभाव

सरकारी स्पष्टीकरण के अनुसार, बुकिंग के बीच का अनिवार्य अंतराल भले ही तय है, लेकिन सिलेंडर की औसत डिलीवरी का समय अभी भी 2.5 दिन ही बना हुआ है। हालांकि, ग्रामीण इलाकों के उपभोक्ताओं के लिए 45 दिनों का लंबा इंतजार अभी भी एक चुनौती है, जिसे लेकर कानूनी और सामाजिक स्तर पर चर्चा तेज हो गई है।
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