आइसलैंड में भारतीय आमों का जलवा: पहली बार बड़ा आयोजन

Indian Embassy officials and Iceland trade representatives showcasing Indian mango varieties like Dashahari and Kesar in Reykjavik.

भारतीय दूतावास और एपीडा (APEDA) ने पहली बार आइसलैंड में भारतीय आम के प्रमोशन के लिए ऐतिहासिक कार्यक्रम आयोजित किया। रेक्याविक और अक्यूरेरी में हुए इस आयोजन में दशहरी, चौसा और केसर जैसी किस्मों ने विदेशी मेहमानों का दिल जीत लिया, जिससे अब निर्यात की नई राहें खुली हैं।

पहली बार हुआ आम प्रोत्साहन कार्यक्रम

आइसलैंड की राजधानी रेक्याविक और उत्तरी आइसलैंड के अक्यूरेरी में 24 और 25 जून 2026 को भारतीय आमों का भव्य प्रसार कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह आइसलैंड में अपनी तरह का पहला भारतीय आम प्रोत्साहन कार्यक्रम था, जिसे वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के तहत एपीडा के सहयोग से सफलतापूर्वक संपन्न किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारतीय कृषि उत्पादों की पहुंच को मजबूत करना है।

निर्यात विस्तार की अपार संभावनाएं

भारत के राजदूत श्री आर. रवीन्द्र ने भारतीय आमों की विश्व-प्रसिद्ध किस्मों की विशेषताओं पर प्रकाश डालते हुए वहां निर्यात विस्तार की अपार संभावनाओं को रेखांकित किया। इस अवसर पर आइसलैंड के विदेश मंत्रालय के व्यापार समझौता निदेशक श्री स्वेन के. एइनार्सन ने 'भारत-ईएफटीए व्यापार एवं आर्थिक साझेदारी समझौते' (TEPA) से मिलने वाले नए अवसरों पर चर्चा की, जिससे आइसलैंड में भारतीय आमों के आयात को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।

बाजार में भारतीय आम का मुकाबला

वर्तमान में आइसलैंड मुख्य रूप से थाईलैंड, ब्राजील, कंबोडिया, घाना और पेरू जैसे देशों से आमों का आयात करता है। आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2025 में आइसलैंड ने लगभग 3.3 मिलियन अमेरिकी डॉलर मूल्य के आम आयात किए थे, जिसमें थाईलैंड की हिस्सेदारी सबसे अधिक थी। स्थानीय उपभोक्ताओं के बीच आम स्मूदी, डेज़र्ट और फ्रूट सलाद के रूप में बेहद लोकप्रिय है, जिसे देखते हुए भारतीय आमों के लिए वहां एक बड़ा और आकर्षक बाजार मौजूद है।

4 प्रमुख किस्मों ने जीता दिल

कार्यक्रम के दौरान अतिथियों को दशहरी, चौसा, लंगड़ा और केसर जैसी प्रमुख किस्मों का स्वाद चखाया गया, जिनकी सुगंध और उत्कृष्ट गुणवत्ता की विदेशी डेलीगेट्स ने भरपूर सराहना की। दूतावास की द्वितीय सचिव सुश्री अनिशा तोमर ने अपनी प्रस्तुति में बताया कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा आम उत्पादक देश है और सरकार अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गुणवत्ता और बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए कई ठोस कदम उठा रही है।
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