भोपाल जल संकट: कोलार पाइपलाइन मरम्मत अटकी, लाखों लोग परेशान

People in Bhopal waiting for water tankers due to the shutdown of the Kolar gravity main pipeline for repairs.

भोपाल में Bhopal Water Crisis गहरा गया है क्योंकि कोलार ग्रेविटी मेन पाइपलाइन की मरम्मत का काम समय सीमा के बाद भी पूरा नहीं हुआ है। शहर की 37 फीसदी आबादी को पानी देने वाली इस लाइन के ठप होने से लाखों लोग पिछले तीन दिनों से बूंद-बूंद पानी को तरस रहे हैं।

डेडलाइन खत्म, फिर भी पानी का इंतजार 

मध्य प्रदेश की राजधानी में पानी की आपूर्ति का मुख्य आधार, कोलार पाइपलाइन, फिलहाल सुधार कार्य के चलते बंद है। नगर निगम ने मंगलवार सुबह 10 बजे इस पाइपलाइन को आपातकालीन मरम्मत के लिए बंद किया था। प्रशासन ने शुरुआत में 36 घंटे का शटडाउन बताया था, लेकिन बुधवार की डेडलाइन बीतने के बाद भी काम पूरा नहीं हो सका है। इसके परिणामस्वरूप, शहर के एक बड़े हिस्से में लोग लगातार तीसरे दिन पानी के लिए संघर्ष कर रहे हैं।

इन इलाकों पर पड़ा सबसे ज्यादा असर 

साल 2021 में डाली गई यह नई पाइपलाइन शहर की जल व्यवस्था की रीढ़ मानी जाती है। इसके बंद होने से अरेरा कॉलोनी, शाहपुरा, त्रिलंगा, गुलमोहर, एमपी नगर, शिवाजी नगर, तुलसी नगर, चार इमली और हमीदिया रोड जैसे प्रमुख वीआईपी और रिहायशी इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह ठप है। इन क्षेत्रों में दैनिक जीवन की रफ्तार पूरी तरह थम गई है और लोग जरूरी कार्यों के लिए भी पानी नहीं जुटा पा रहे हैं।

तकनीकी जटिलता और बहाली का समय 

नगर निगम के सिटी इंजीनियर उदित गर्ग के अनुसार, मरम्मत का काम काफी जटिल है और विशेष टीमें चौबीसों घंटे ग्राउंड पर काम कर रही हैं। तकनीकी पेंच यह है कि पाइपलाइन ठीक होने के बाद भी पानी को फिल्टरेशन प्लांट तक पहुंचने में कम से कम 8 से 10 घंटे का समय लगेगा। प्रशासन का अनुमान है कि सभी प्रभावित इलाकों में पानी की सप्लाई पूरी तरह सामान्य होने में शुक्रवार देर शाम तक का समय लग सकता है।

टैंकरों के भरोसे जनता 

वर्तमान में लोग नगर निगम द्वारा भेजे जा रहे पानी के टैंकरों के भरोसे हैं। हालांकि, जमीनी स्थिति यह है कि कई मोहल्लों में पानी का प्रेशर बहुत कम है और लीकेज की वजह से जरूरत के मुताबिक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। लोग घरों में जमा पुराने पानी को बेहद किफायत से खर्च कर रहे हैं और टैंकरों के आने का घंटों इंतजार करने को मजबूर हैं। 
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