ईरान और अमेरिका के बीच जारी भारी तनाव के बीच US-Iran Peace Agreement को लेकर बड़ी खबर आ रही है। सूत्रों के मुताबिक, दोनों देश पर्दे के पीछे एक बड़े शांति समझौते की रूपरेखा तैयार कर रहे हैं। वहीं, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को परमाणु हथियारों के मुद्दे पर फिर से कड़ी चेतावनी दी है।
पर्दे के पीछे कूटनीति तेज
ईरानी समाचार एजेंसी ISNA के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच फिलहाल अप्रत्यक्ष बातचीत (Indirect Talks) चल रही है। इस बातचीत का मुख्य उद्देश्य एक संभावित शांति समझौते के लिए ढांचा तैयार करना है। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों पक्ष संदेशों और ड्राफ्ट दस्तावेजों का आदान-प्रदान कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में मध्यस्थता की कोशिशें भी तेज कर दी गई हैं, जिसमें पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है, जो इस समय ईरान के दौरे पर हैं।
अमेरिका के खाली होते हथियारों के गोदाम
यह शांति वार्ता ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के रक्षा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि इजरायल की सुरक्षा सुनिश्चित करने के चक्कर में अमेरिका का अपना मिसाइल स्टॉक काफी कम हो गया है। द वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इजरायल की रक्षा में खुद इजरायल से भी ज्यादा एडवांस मिसाइल इंटरसेप्टर खर्च कर दिए हैं। इस असंतुलन ने अमेरिकी अधिकारियों को अपनी स्वयं की सुरक्षा के प्रति चिंतित कर दिया है, जो संभवतः समझौते की ओर बढ़ते कदमों का एक बड़ा कारण है।
ट्रंप की शर्तें और कच्चे तेल का बाजार
सार्वजनिक मंचों पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का रुख अभी भी काफी आक्रामक है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा है कि ईरान को एनरिच्ड यूरेनियम (Enriched Uranium) रखने की अनुमति नहीं दी जाएगी और अमेरिका उस यूरेनियम को अपने कब्जे में लेकर नष्ट कर सकता है। साथ ही, उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग बताते हुए वहां किसी भी तरह का 'टोल' वसूलने का विरोध किया है।
ट्रंप ने विश्वास जताया है कि ईरान के साथ संघर्ष बहुत जल्द खत्म होगा, जिससे अंतरराष्ट्रीय बाजार में पेट्रोल की कीमतों में गिरावट आएगी। हालांकि, इस बीच समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें 104 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं।