पंजाब निकाय चुनाव के नतीजों में आम आदमी पार्टी (AAP) ने प्रचंड जीत हासिल की है। 104 स्थानीय निकायों के चुनाव परिणामों में सत्ताधारी AAP ने 650 से ज्यादा सीटों पर कब्जा कर अपने विरोधियों को काफी पीछे छोड़ दिया है। यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव के लिए एक महत्वपूर्ण संकेत मानी जा रही है।
पंजाब में 'आप' का दबदबा
पंजाब के 8 नगर निगमों, 75 नगर परिषदों और 21 नगर पंचायतों के लिए 26 मई को मतदान हुआ था, जिसके नतीजे आज घोषित किए गए। वोटों की गिनती सुबह 8 बजे से 115 केंद्रों पर कड़ी सुरक्षा के बीच शुरू हुई। शुरुआती रुझानों से ही आम आदमी पार्टी ने बढ़त बना ली थी, जो अंत तक बरकरार रही। ताजा आंकड़ों के मुताबिक, AAP ने 662 सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस 264 सीटों के साथ दूसरे स्थान पर है।
पार्टीवार स्थिति और प्रमुख मुकाबले
चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, शिरोमणि अकाली दल (SAD) 149 सीटों के साथ तीसरे स्थान पर रहा, जबकि भारतीय जनता पार्टी (BJP) को केवल 63 सीटों से संतोष करना पड़ा। अन्य महत्वपूर्ण आंकड़ों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने 209 सीटों पर जीत हासिल कर सबको चौंकाया है।
कुछ शहरों में कड़ा मुकाबला भी देखने को मिला:
- फिरोजपुर: यहाँ मुकाबला काफी दिलचस्प रहा, जहाँ AAP, भाजपा और कांग्रेस तीनों ने 4-4 वार्डों में जीत हासिल की। विशेष बात यह रही कि फिरोजपुर नगर परिषद में कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ रहे पति-पत्नी, ऋषि शर्मा और ईशा शर्मा, दोनों ने अपने-अपने वार्ड से जीत दर्ज की।
- जंडियाला गुरु: यहाँ आम आदमी पार्टी ने एकतरफा प्रदर्शन करते हुए 15 में से 13 वार्ड अपने नाम किए।
- कपूरथला: यहाँ कांग्रेस ने अपनी साख बचाते हुए 50 में से 25 सीटों पर बढ़त बनाई।
2021 के मुकाबले बड़ा बदलाव
यह चुनाव 2021 के समीकरणों से बिल्कुल उलट रहा। 2021 के निकाय चुनावों में कांग्रेस का एकतरफा दबदबा था और तब आम आदमी पार्टी शहरी क्षेत्रों में केवल 18 सीटें ही जीत पाई थी। इस बार AAP की भारी बढ़त ने राज्य की सियासी तस्वीर बदल दी है। इस बार कुल मतदान 63.94% रहा, जो पिछली बार की तुलना में करीब 9.5% कम है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन नतीजों का असर अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों पर पड़ेगा। इसे मुख्यमंत्री भगवंत मान की सरकार के कामकाज पर जनता की मुहर के रूप में देखा जा रहा है।