19810 करोड़ से मप्र में विकास कार्यों को हरी झंडी

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मध्य प्रदेश सरकार ने अगले पाँच वर्षों के दौरान राज्य के बुनियादी ढाँचे, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए 19,810 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में सोमवार को हुई मंत्रि-परिषद की बैठक में ये निर्णय लिए गए। सरकार का दावा है कि इन योजनाओं से ग्रामीण इलाकों में सिंचाई सुविधा बढ़ेगी, सड़कें मजबूत होंगी और चिकित्सा शिक्षा का विस्तार होगा।

सबसे बड़ा हिस्सा सड़कों को

कुल स्वीकृत राशि में से सबसे अधिक 10,801 करोड़ रुपये लोक निर्माण विभाग को दिए गए हैं। यह धनराशि प्रदेश की सड़क विकास परियोजनाओं और बी.ओ.टी. मार्गों के रखरखाव पर खर्च होगी। सरकार ने 16वें वित्त आयोग की अवधि (2026-2031) के लिए इन कार्यों को जारी रखने की भी स्वीकृति दी है।

सागर की सिंचाई परियोजना को बड़ा बूस्ट

सागर जिले के 27 गाँवों के किसानों के लिए अच्छी खबर है। मिडवासा मध्यम सिंचाई परियोजना के लिए 286.26 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं। इससे करीब 7,200 हेक्टेयर खेतों की प्यास बुझेगी, जिससे किसानों को सिंचाई के लिए पानी की किल्लत से निजात मिलने की उम्मीद है।

किसान और स्वास्थ्य पर फोकस

सरकार ने कृषि यंत्रीकरण को बढ़ावा देने के लिए 2,250 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत ग्रामीण युवा कस्टम हायरिंग सेंटर स्थापित कर सकेंगे, जिससे छोटे किसानों को महंगे कृषि उपकरण किराए पर मिल सकेंगे। साथ ही, राज्य में नए मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए 1,674 करोड़ रुपये स्वीकार किए गए हैं।

गैस त्रासदी पीड़ितों को राहत और महिला सुरक्षा

भोपाल गैस त्रासदी के पीड़ितों के स्वास्थ्य सेवाओं के लिए 1,005 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं। महिलाओं की सुरक्षा के लिए 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ', वन स्टॉप सेंटर और हेल्पलाइन-181 के लिए 240 करोड़ रुपये दिए जाएंगे। इसके तहत मैहर, मनावर, पीथमपुर, लसूडिया, सांवेर और पेटलावद में आठ नए वन स्टॉप सेंटर खोले जाएंगे।

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