आरोपी कौन है
आरोपी अधिवक्ता अपनी बेटी और नातिन के साथ उसी कॉलोनी में रहता था। वरिष्ठ नागरिक होने के बावजूद उसने यह जघन्य अपराध किया। उसकी नातिन की उम्र भी पीड़ित बच्ची के आसपास ही है।
वारदात कैसे हुई
पुलिस के अनुसार, पीड़िता आरोपी की नातिन से खेलने के लिए अक्सर उसके घर जाती थी। घटना वाले दिन भी बच्ची वहां खेलने गई थी। इस दौरान आरोपी उसे एक कमरे में ले गया और वहां उसके साथ दरिंदगी की।
घटना का खुलासा
बच्ची जब घर लौटी तो उसने अपनी मां को दर्द की शिकायत की। मां ने जब उसके प्राइवेट पार्ट की जांच की तो उस पर खरोंच के निशान थे। मां तुरंत उसे डॉक्टर के पास ले गई। डॉक्टर ने पुष्टि की कि बच्ची के साथ गलत हुआ है। मां के पूछने पर बच्ची ने बताया कि "नाना ने गलत किया है।" इसके बाद मां ने हबीबगंज थाने में शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई
पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी अधिवक्ता को गिरफ्तार कर लिया। शुरुआत में आरोपी पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा। लेकिन जब पुलिस ने सख्ती बरती तो उसने महज 'छेड़खानी' करना स्वीकार किया। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
समाज पर प्रभाव
इस घटना ने पॉश कॉलोनी सहित पूरे भोपाल शहर को स्तब्ध कर दिया है। एक बुजुर्ग और प्रतिष्ठित अधिवक्ता का इस तरह का अपराध करना लोगों के लिए हैरानी का विषय है। पुलिस ने बताया कि आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) की धाराएं भी लगाई गई हैं।
