अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बेटी इवांका ट्रंप की हत्या की साजिश (Ivanka Trump Assassination Plot) का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) से प्रशिक्षित एक आतंकी ने उन्हें निशाना बनाने की योजना बनाई थी, जिसे अब तुर्की में गिरफ्तार कर अमेरिका प्रत्यर्पित कर दिया गया है।
कासिम सुलेमानी की मौत का बदला था मकसद
'न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, पकड़े गए आतंकी की पहचान इराकी नागरिक मोहम्मद बाकर साद दाऊद अल-सादी के रूप में हुई है। जांच में सामने आया है कि अल-सादी ईरानी सैन्य कमांडर कासिम सुलेमानी की मौत का बदला लेना चाहता था, जिसकी छह साल पहले अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। वह सुलेमानी को अपना गुरु और पिता समान मानता था और इसी वजह से उसने ट्रंप परिवार को निशाना बनाने की कसम खाई थी।
फ्लोरिडा आवास का नक्शा और धमकी
गिरफ्तार आतंकी के पास से इवांका ट्रंप के फ्लोरिडा स्थित घर का पूरा नक्शा और खाका बरामद किया गया है। उसने सोशल मीडिया पर घर की तस्वीरें पोस्ट करते हुए अमेरिकी सीक्रेट सर्विस को खुली चुनौती दी थी। अल-सादी ने धमकी भरे संदेश में लिखा था कि न तो ट्रंप के महल और न ही सुरक्षा एजेंसियां उन्हें बचा पाएंगी। उसका स्पष्ट कहना था कि वह इवांका को मारकर ट्रंप के घर को उसी तरह जलाना चाहता था जैसे उसका घर जलाया गया।
वैश्विक आतंकी नेटवर्क से जुड़ाव
अमेरिकी न्याय विभाग के अनुसार, अल-सादी केवल इवांका की हत्या की साजिश तक सीमित नहीं था। उस पर यूरोप और अमेरिका में कुल 18 हमलों और कोशिशों के आरोप लगे हैं। इनमें एम्स्टर्डम में बैंक पर पेट्रोल बम हमला, लंदन में यहूदी नागरिकों पर चाकू से हमला और टोरंटो स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावास पर गोलीबारी की घटनाएं शामिल हैं।
तुर्की में गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण
इस खतरनाक आतंकी को 15 मई को तुर्की में एक ऑपरेशन के दौरान पकड़ा गया था, जिसके बाद उसे अमेरिका को सौंप दिया गया है। फिलहाल अमेरिकी एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क और भविष्य की संभावित साजिशों की गहराई से जांच कर रही हैं। इस खुलासे ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुरक्षा एजेंसियों को अलर्ट मोड पर ला दिया है।