मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव ने सिंगरौली दौरे के दौरान प्रोटोकॉल और कारों का काफिला त्याग कर सादगी की अनूठी मिसाल पेश की। उन्होंने भीषण गर्मी के बावजूद मंत्रियों और विधायकों के साथ एक साधारण टूरिस्ट बस में बैठकर कार्यक्रम स्थल तक का सफर तय किया।
सिंगरौली में दिखा मुख्यमंत्री का जुदा अंदाज
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव शनिवार को जब सिंगरौली में एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे, तो वहां मौजूद जनता उनका अंदाज देखकर हैरान रह गई। आमतौर पर मुख्यमंत्री भारी लाव-लश्कर और सुरक्षा के बीच चलते हैं, लेकिन डॉ. यादव ने सारा प्रोटोकॉल दरकिनार कर दिया,। 44 डिग्री की झुलसा देने वाली गर्मी के बीच वे वीआईपी कारों के बजाय एक टूरिस्ट बस में सवार होकर एनसीएल ग्राउंड (NCL Ground) पहुंचे।
पीएम मोदी की अपील का असर
मुख्यमंत्री का यह कदम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 'मितव्ययिता' (austerity) की अपील से प्रेरित था,। उन्होंने यह संदेश दिया कि जनप्रतिनिधियों की पहचान उनके पद या प्रोटोकॉल से नहीं, बल्कि जनता के प्रति उनकी सेवा भावना और सादगी से होती है,। उनके साथ इस बस यात्रा में लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपतिया उइके, राज्यमंत्री राधा सिंह, सांसद डॉ. राजेश मिश्रा और कई स्थानीय विधायक भी शामिल थे।
552 करोड़ के विकास कार्यों की सौगात
इस दौरान सीएम ने सिंगरौली को बड़ी सौगात देते हुए 552 करोड़ रुपये से अधिक की लागत वाले 71 विकास कार्यों का भूमिपूजन और लोकार्पण किया। उन्होंने कहा कि सिंगरौली पूरे देश की ऊर्जा शक्ति का आधार है और इसे 'एनर्जी-इंडस्ट्री-स्पिरिचुअल कॉरिडोर' के रूप में विकसित किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में दिव्यांगों को ट्राईसाइकिल भी वितरित की और क्षेत्र के विकास के लिए हर संभव प्रयास का आश्वासन दिया।
जनता ने की सराहना
मुख्यमंत्री के इस सरल और सहज व्यवहार की नागरिकों द्वारा काफी सराहना की जा रही है,। सादगी, अनुशासन और जनसेवा के मूल्यों को दर्शाने वाला यह कदम प्रदेश की राजनीति में एक सकारात्मक चर्चा का विषय बना हुआ है।