सुरक्षा छोड़ सड़कों पर निकले मुख्यमंत्री
सिंगरौली प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एक अलग ही रूप में नजर आए। रात के समय वे अपने काफिले और लाव-लश्कर को पीछे छोड़कर साधारण नागरिक की तरह शहर की सड़कों पर पैदल घूमने निकल पड़े। इस दौरान एक चाट-समोसे का ठेला देखकर वे खुद को रोक नहीं सके और दुकानदार से समोसा खिलाने को कहा। उनके इस अचानक आगमन से वहां मौजूद लोग और दुकानदार हैरान रह गए।
मौके पर ही सुनी समस्या और सुलझाई
समोसा खाते हुए मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद आम लोगों और दुकानदारों से बहुत सहजता से बातचीत की। चर्चा के दौरान स्थानीय लोगों ने शिकायत की कि पुलिस द्वारा की जाने वाली अनावश्यक चेकिंग के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पाते और उनका व्यापार प्रभावित होता है। जनसमस्या को गंभीरता से लेते हुए सीएम ने तुरंत पुलिस अधीक्षक (SP) को मौके पर बुलाया और सख्त निर्देश दिए कि जनता और छोटे व्यापारियों को परेशान न किया जाए।
₹10 के समोसे के लिए किया ₹500 का डिजिटल भुगतान
समोसा खाने के बाद जब मुख्यमंत्री ने पैसे पूछे, तो दुकानदार ने संकोच करते हुए महज ₹10 बताए। इस पर सीएम ने कहा कि ₹10 बहुत कम हैं और उन्होंने दुकानदार के क्यूआर (QR) कोड को स्कैन कर ऑनलाइन ₹500 का भुगतान किया। इसके अलावा, उन्होंने स्थानीय लोगों की मांग पर क्षेत्र में जल्द ही कॉलेज खुलवाने का आश्वासन भी दिया।
बच्चों से आत्मीय मुलाकात
सैर के दौरान मुख्यमंत्री की मुलाकात दो बच्चों से भी हुई। उन्होंने बच्चों के कंधे पर हाथ रखकर पूछा कि क्या वे उन्हें जानते हैं। जैसे ही बच्चों ने उनका नाम "डॉ. मोहन यादव" बताया, सीएम ने खुश होकर उन्हें गले लगा लिया। मुख्यमंत्री का यह सरल और संवेदनशील व्यवहार प्रदेश की राजनीति में सादगी का नया उदाहरण पेश कर रहा है।